Ба сӯрати ёри ман чун хашмгин шуд

به صورت یار من چون خشمگین شد

Дилам гуфт аҳи магар бо ман ба кин шуд

دلم گفت اه مگر با من به کین شد

Ба сад водӣ фурӯрафтам ба савдо

به صد وادی فرورفتم به سودا

Ки чаҳ чора ки чорагар чунин шуд

که چه چاره که چاره گر چنین شد

Ба сӯй осмон рафтам чу девон

به سوی آسمان رفتم چو دیوان

Аз ин дарди осмони ман замин шуд

از این درد آسمان من زمین شد

Маро гуфтанд роҳ рост баргир

مرا گفتند راه راست برگیر

Чаҳ раҳи гирам ки ёр ростин шуд

چه ره گیرم که یار راستین شد

Марои ҳам роҳ ва ҳамроҳаст ёрам

مرا هم راه و همراهست یارم

Ки рӯй ӯ марои имон ва дайн шуд

که روی او مرا ایمان و دین شد

Ба зери гулбунаш ҳар кас ки бинишаст

به زیر گلبنش هر کس که بنشست

Саодат бо нишасташ ҳамнишин шуд

سعادت با نشستش همنشین شد

Дар ин гуфторами он маънӣ талаб кун

در این گفتارم آن معنی طلب کن

Нафасҳои хушам ӯро камӣн шуд

نفس‌های خوشم او را کمین شد

Азирои исмҳо айни мсмост

ازیرا اسم‌ها عین مسماست

зи айни исми одами айн байн шуд

ز عین اسم آدم عین بین شد

Агар хоҳӣ ки айн ҷамъ бошӣ

اگر خواهی که عین جمع باشی

Ҳамин шуд чорау дармон ҳамин шуд

همین شد چاره و درمان همین شد

Махон ин ганҷи номаи дигар эй ҷон

مخوان این گنج نامه دیگر ای جان

Ки ин ганҷ аз паии ҳикмат дафин шуд

که این گنج از پی حکمت دفین شد

Ба кҳгл чун бапушам офтобӣ

به کهگل چون بپوشم آفتابی

Ҷаҳонӣ кӣ дарун остин шуд

جهانی کی درون آستین شد

Агар ту зини малулии вой бар ту

اگر تو زین ملولی وای بر تو

Ки ту пирори мардии ин яқин шуд

که تو پیرار مردی این یقین شد

Зира бар об май дони ин сухан ро

زره بر آب می‌دان این سخن را

Ҳамон обаст алои шакл чин шуд

همان آبست الا شکل چین شد

зи худ маҳҷӯбашон кардам ба гуфтан

ز خود محجوبشان کردم به گفتن

Ба пеши ҳосидони воҷиб чунин шуд

به پیش حاسدان واجب چنین شد

Хамаш бошам лаб аз гуфтан бабандам

خمش باشم لب از گفتن ببندم

Ки муштии бейс бо перӣ қарин шуд

که مشتی بیس با پیری قرین شد

Хониш
ғзл шморҳ 678 — ъндлӣб