Ин қофилаи бор мо надорад

این قافله بار ما ندارد

Аз оташи ёр мо надорад

از آتش‌ِ یار‌ِ ما ندارد

Ҳар чанд дарахтҳои сабз над

هر‌چند درخت‌های سبز‌ند

Бӯеи зи баҳор мо надорад

بویی ز بهار ما ندارد

Ҷони ту чу гулшанаст лекин

جان تو چو گلشن است لیکن

Длхстаҳ ба хор мо надорад

دلخسته به خار ما ندارد

Баҳр ӣ сети дили ту дар ҳақоиқ

بحر‌ی‌ست دل تو در حقایق

Кови ҷӯши канор мо надорад

کاو جوش کنار ما ندارد

Ҳар чанд ки кӯҳ барқарор аст

هر چند که کوه برقرار است

Валлоҳ ки қарор мо надорад

والله که قرار ما ندارد

Ҷонӣ ки ба ҳар сабӯҳ маст аст

جانی که به هر صبوح مست است

Бӯеи зи хумор мо надорад

بویی ز خمار ما ندارد

Он мутриби осмон ки Зуҳра аст

آن مطرب آسمان که زهره‌ است

Ҳам тоқати кор мо надорад

هم طاقت کار ما ندارد

Аз шер худоӣ пресс мо ро

از شیر خدای پرس ما را

Ҳар шери қФор мо надорад

هر شیر قفار ما ندارد

Манимоӣ ту нақди шамси табриз

منمای تو نقد شمس تبریز

Онро ки айёр мо надорад

آن را که عیار ما ندارد

Хониш
ғзл шморҳ 695 — ъндлӣб