Васфи он махдум мекун гарчи май ранҷади ҳасуд
وصف آن مخدوم میکن گرچه میرنجد حسود
Кин ҳасудӣ кам нахоҳад гашт аз чархи кабӯд
کاین حسودی کم نخواهد گشت از چرخ کبود
Гарчи худ некӯ наёяд васф май аз ҳӯшёр
گرچه خود نیکو نیاید وصف می از هوشیار
Чун паии маст аз хумори ғамзаи масташ чаҳ суд
چون پی مست از خمار غمزه مستش چه سود
Масти он майгар нае май ду паии дастору дил
مست آن می گر نهای می دو پی دستار و دل
Чунк дастору дилатро ғамзаҳои ӯ рабӯд
چونک دستار و دلت را غمزههای او ربود
Гар ду сад ҳастят бошад дар вуҷӯдаш нест шӯ
گر دو صد هستیت باشد در وجودش نیست شو
Зонк шояд нест гаштан аз барои он вуҷӯд
زانک شاید نیست گشتن از برای آن وجود
Ним шаб бархестам дилро надидам пеш ӯ
نیم شب برخاستم دل را ندیدم پیش او
Гирди хонаи ҷустами ин дилро ки ӯро худ чаҳ буд
گرد خانه جستم این دل را که او را خود چه بود
Чун биҷустам хона хона ёфтам бечора ро
چون بجستم خانه خانه یافتم بیچاره را
Дар яке кунҷӣ ба нола кӣ худои андари суҷуд
در یکی کنجی به ناله کی خدا اندر سجود
Гӯш биниҳодам ки то худ илтимос васл кист
گوش بنهادم که تا خود التماس وصل کیست
Дидамаш кандар паии зории забонро бргшўд
دیدمش کاندر پی زاری زبان را برگشود
К-эии ниҳону ошкорои ошкорои пеши ту
کای نهان و آشکارا آشکارا پیش تو
Ин ниҳонам оташасту ошкорами оҳу дӯд
این نهانم آتش است و آشکارم آه و دود
Аз барои онки хубонро наҷӯӣ дар шикаст
از برای آنک خوبان را نجویی در شکست
Сад ҳазорон ҷӯйҳо дар ҷӯии хӯбии дрФзўд
صد هزاران جویها در جوی خوبی درفزود
Май шимурд аз шаҳи нишонҳо лек номаш ме нагуфт
میشمرد از شه نشانها لیک نامش مینگفت
Дар даруни зулмати шаби андар он гуфту шунӯд
در درون ظلمت شب اندر آن گفت و شنود
Онгаҳон зер забон мегуфт ёрами ном ӯ
آنگهان زیر زبان میگفت یارم نام او
наменагӯям гарчи номаш ҳаст хуши бӯтар зи авд
مینگویم گرچه نامش هست خوش بوتر ز عود
Зонк дар ваҳм ман ояд дздгўшӣ аз башар
زانک در وهم من آید دزدگوشی از بشر
Кӯ дар ин шаб гӯш медорад ҳадисам эй вдўд
کو در این شب گوش میدارد حدیثم ای ودود
Сахт меояд марои номи хушаши пеш касе
سخت میآید مرا نام خوشش پیش کسی
Кӯ ба иззат нашунӯд он ном ӯро аз ҷҳўд
کو به عزت نشنود آن نام او را از جحود
Вар ба иззат башнавад ғайрат бисӯзад мари маро
ور به عزت بشنود غیرت بسوزد مر مرا
Андари ин оҷиз шудаст ӯ бетариқ ва бе вуруд
اندر این عاجز شدست او بیطریق و بیورود
Бонг кардаш ҳотифии ту номи он кас ёд кун
بانگ کردش هاتفی تو نام آن کس یاد کن
Ғам махӯр аз ҳеҷ кас дар зикри номаш эй ънўд
غم مخور از هیچ کس در ذکر نامش ای عنود
Зонк номаш ҳаст мифтоҳи муроди ҷони ту
زانک نامش هست مفتاح مراد جان تو
Зуди ном ӯ бигӯ то дар кушояди зуди зуд
زود نام او بگو تا در گشاید زود زود
Дил намеёраст номаши гуфтан ва дар баста монад
دل نمییارست نامش گفتن و در بسته ماند
То саҳаргаҳ рӯз шуд хуршеди ногуҳ рӯ намӯд
تا سحرگه روز شد خورشید ناگه رو نمود
Бо ҳазорон лобаи ҳотифи ҳамин табриз гуфт
با هزاران لابههاتف همین تبریز گفت
Гашт беҳуш ва фитод ин дил шикастани тору пуд
گشت بیهوش و فتاد این دل شکستن تار و پود
Чун шудам беҳуш онгаҳ нақш шуд бар рӯй ӯ
چون شدم بیهوش آنگه نقش شد بر روی او
Номи он махдуми шамси аддӣн дар он дарёии ҷӯад
نام آن مخدوم شمس الدین در آن دریای جود