Вои он дил ки бадв аз ту нишоне нарасад
وای آن دل که بدو از تو نشانی نرسد
Мурдаи он тан ки бадви мужда ҷонӣ нарасад
مرده آن تن که بدو مژده جانی نرسد
Сияҳи он рӯз ки бенур ҷамолат гузарад
سیه آن روز که بینور جمالت گذرد
Ҳеҷ аз матбахи ту коса ва хуоне нарасад
هیچ از مطبخ تو کاسه و خوانی نرسد
Вои он дил ки зи ишқи ту дар оташ наравад
وای آن دل که ز عشق تو در آتش نرود
Ҳамчуи зар харҷ шавад ҳеҷ ба конӣ нарасад
همچو زر خرج شود هیچ به کانی نرسد
Сухани ишқ чу бедард буд бар надиҳад
سخن عشق چو بیدرد بود بر ندهد
Ҷуз ба гӯши ҳавасу ҷуз ба забонӣ нарасад
جز به گوش هوس و جز به زبانی نرسد
Марям дил нашавад ҳомили анвори Масеҳ
مریم دل نشود حامل انوار مسیح
То амонати з наоне ба наоне нарасад
تا امانت ز نهانی به نهانی نرسد
Ҳис чу бедор буд хоб набинад ҳаргиз
حس چو بیدار بود خواب نبیند هرگز
Аз ҷаҳон то наравад дил ба ҷаҳонӣ нарасад
از جهان تا نرود دل به جهانی نرسد
Ғифлат марг зад онро ки чунон хушк шудаст
غفلت مرگ زد آن را که چنان خشک شدست
Аз ғами онки варои тара ба ноне нарасад
از غم آنک ورا تره به نانی نرسد
Ин замон ҷаҳд бикун то зи замони бозиреҳӣ
این زمان جهد بکن تا ز زمان بازرهی
Пеш аз он дам ки замонӣ ба замонӣ нарасад
پیش از آن دم که زمانی به زمانی نرسد
Ҳар ҳаётӣ ки з нон раст ҳамон нони талабад
هر حیاتی که ز نان رست همان نان طلبد
Оби ҳайвон ба лаб ҳар ҳайвонӣ нарасад
آب حیوان به لب هر حیوانی نرسد
Тираи субҳӣ ки маро аз ту саломӣ нарасад
تیره صبحی که مرا از تو سلامی نرسد
Талхи рӯзӣ ки зи шаҳди ту беоне нарасад
تلخ روزی که ز شهد تو بیانی نرسد