Халқ меҷунбанд моно рӯз шуд
خلق میجنبند مانا روز شد
Рӯзро ҷони бахши ҷоно рӯз шуд
روز را جان بخش جانا روز شد
Чанд шаб гаштем мо ва чанд рӯз
چند شب گشتیم ما و چند روز
Дар ғаму шодии ту то рӯз шуд
در غم و شادی تو تا روز شد
Дар ҷаҳони баси шаҳрҳо кон ҷо шабаст
در جهان بس شهرها کان جا شبست
Андари ин соъат ки ин ҷо рӯз шуд
اندر این ساعت که این جا روز شد
Дар шаби ғифлати ҷаҳонӣ хуфта анд
در شب غفلت جهانی خفتهاند
зи офтоби ишқи моро рӯз шуд
ز آفتاب عشق ما را روز شد
Ҳар ки ошиқ нест ӯро рӯз нест
هر که عاشق نیست او را روز نیست
Ҳар киро ишқасту савдо рӯз шуд
هر که را عشقست و سودا روز شد
Субҳро дар кунҷи ин хонаи мҷўӣ
صبح را در کنج این خانه مجوی
Рӯ ба боло кун ба боло рӯз шуд
رو به بالا کن به بالا روز شد
Бар ту гар хораст бар мо гули шкФт
بر تو گر خارست بر ما گل شکفت
Бар ту гар шомаст бар мо рӯз шуд
بر تو گر شامست بر ما روز شد
Гар ту аз тифлии зи рӯзи огаҳ на Эй
گر تو از طفلی ز روز آگه نهای
Хез бо мо ҷони бобо рӯз шуд
خیز با ما جان بابا روز شد
Рӯзро мункир машав ло ло магӯ
روز را منکر مشو لا لا مگو
Чанд лои лои ҷони лоло рӯз шуд
چند لا لا جان لالا روز شد
Офтоб омад ки аншқи алқмр
آفتاب آمد که انشق القمر
Бишинав ин фармони аъло рӯз шуд
بشنو این فرمان اعلا روز شد
Посбонои бас дигар чӯбак мазан
پاسبانا بس دگر چوبک مزن
Посбону ҳорси мо рӯз шуд
پاسبان و حارس ما روز شد