з сар бигирам айшӣ чу по ба ганҷи фурушад

ز سر بگیرم عیشی چو پا به گنج فروشد

з рӯй пушту паноҳӣ ки пуштҳо ҳама рӯ шуд

ز روی پشت و پناهی که پشت‌ها همه رو شد

Дигар нишинам ҳаргиз барои дил ки барояд

دگر نشینم هرگز برای دل که برآید

Куҷо барояд он дил ки кӯии ишқи фурушад

کجا برآید آن دل که کوی عشق فروشد

Муваккилон чу оташи зи ишқи сӯй ман оянд

موکلان چو آتش ز عشق سوی من آیند

Ба сӯии ишқи гурезам ки ҷумлаи фитна аз ӯ шуд

به سوی عشق گریزم که جمله فتنه از او شد

Ки дар серуми зи шаробаш на чашм монад на хобаш

که در سرم ز شرابش نه چشم ماند نه خوابش

Ба дасти соқии нобаши магари серум чу каду шуд

به دست ساقی نابش مگر سرم چو کدو شد

Ба хон ишқ нишастам чашидам аз намак ӯ

به خوان عشق نشستم چشیدم از نمک او

Чу луқма кардам худро маро чу ишқ гулӯ шуд

چو لقمه کردم خود را مرا چو عشق گلو شد

Сабу ба дасти давидам ба ҷӯйбори маъонӣ

سبو به دست دویدم به جویبار معانی

Ки об гашт сабуем чу оби ҷон ба сабу шуд

که آب گشت سبویم چو آب جان به سبو شد

Намоз шом бирафтам ба сӯии турфаи рӯмӣ

نماز شام برفتم به سوی طرفه رومی

Чу дид бар дар хешами зи боми зуди фурушад

چو دید بر در خویشم ز بام زود فروشد

Сар аз дарича бурун кард чу шуълаҳои мунаввар

سر از دریچه برون کرد چو شعله‌های منور

Ки бому хонау банда ба ҷумлагии ҳама ӯ шуд

که بام و خانه و بنده به جملگی همه او شد

Наҳем дасти даҳон бар ки нозукаст маъонӣ

نهیم دست دهان بر که نازکست معانی

зи шамси муфаххари табризи сӯхти ҷон ва ҳамӯ шуд

ز شمس مفخر تبریز سوخت جان و همو شد

Хониш
ғзл шморҳ 902 — ъндлӣб