Шудам зи ишқ ба ҷое ки ишқ низ надонад

شدم ز عشق به جایی که عشق نیز نداند

Расед кор ба ҷое ки ақл хира бимонад

رسید کار به جایی که عقل خیره بماند

Ҳазор зулми расидаи зи ақли гашти раҳида

هزار ظلم رسیده ز عقل گشت رهیده

Чу ақл баста шуд ин ҷо бигӯ кеш барраанд

چو عقل بسته شد این جا بگو کیش برهاند

Дило магар ки ту мастӣ ки дил ба ақл бибастӣ

دلا مگر که تو مستی که دل به عقل ببستی

Ки ӯ нишаст наёбади туро куҷо бинишонад

که او نشست نیابد تو را کجا بنشاند

Матоъ ақл нишонасту ишқ рӯҳ фишонаст

متاع عقل نشانست و عشق روح فشانست

Ки ишқи вақти назораи нисори ҷони бФшонд

که عشق وقت نظاره نثار جان بفشاند

Ҳазор ҷону дилу ақлгар ба ҳам ту бабандӣ

هزار جان و دل و عقل گر به هم تو ببندی

Чу ишқ бо ту набошад ба равзанаш нарасонад

چو عشق با تو نباشد به روزنش نرساند

Ба рӯй бут нарисӣ ту магар ба доми ду зулфаш

به روی بت نرسی تو مگر به دام دو زلفش

Валек кӯшиш мекун ки кӯшишати бпзонд

ولیک کوشش می‌کن که کوششت بپزاند

Чу бози чашми туро баст даст ӯст гушоиш

چو باز چشم تو را بست دست اوست گشایش

Вале ба ҳар сари кӯеи туро чу Кебек дуанд

ولی به هر سر کویی تو را چو کبک دواند

Ҳар онк болаш дорад зи остони аноят

هر آنک بالش دارد ز آستان عنایت

Ғулом хуфтан ӯем ки ҳеҷ хуфта намонад

غلام خفتن اویم که هیچ خفته نماند

Миёна гирад оҳӯи миёнаи дили ширӣ

میانه گیرد آهو میانه دل شیری

Ҳазор оҳӯии дигари зи шер ӯ барраанд

هزار آهوی دیگر ز شیر او برهاند

Чу дар дарунаи сайёд мурғ ёфт қабӯлӣ

چو در درونه صیاد مرغ یافت قبولی

Ҳазор мурғи гирифтаи зи дом ӯ биппаранд

هزار مرغ گرفته ز دام او بپراند

Ҳар он дилӣ ки ба табризу шамси дайн шуда бошад

هر آن دلی که به تبریز و شمس دین شده باشد

Чу шоҳи моҳ ба майдони чарх асб дуанд

چو شاه ماه به میدان چرخ اسب دواند

Хониш
ғзл шморҳ 905 — ъндлӣб