Мада ба дасти фироқати дили маро ки нишоед
مده به دست فراقت دل مرا که نشاید
Макаши ту куштаи худро макун бета ки нишоед
مکش تو کشته خود را مکن بتا که نشاید
Маро ба лутф гузидӣ чаро зи ман брмидӣ
مرا به لطف گزیدی چرا ز من برمیدی
Аё намӯда вафоҳо макун ҷафо ки нишоед
ایا نموده وفاها مکن جفا که نشاید
Бидод хозини лутфати марои қабои саодат
بداد خازن لطفت مرا قبای سعادت
Бурун макун зи тани ман чунин қабо ки нишоед
برون مکن ز تن من چنین قبا که نشاید
Мисоли дили ҳамаи рӯе қафо набошад дил ро
مثال دل همه رویی قفا نباشد دل را
зи мо ту рӯй магардон мадаи қафо ки нишоед
ز ما تو روی مگردان مده قفا که نشاید
Ҳадиси васл ту гуфтам бигуфт лутфи ту карӣ
حدیث وصل تو گفتم بگفت لطف تو کری
зи баъди гуфтан оре магӯ чаро ки нишоед
ز بعد گفتن آری مگو چرا که نشاید
Ту кони қанду наботии набот талх нагӯяд
تو کان قند و نباتی نبات تلخ نگوید
магӯӣ талхи суханҳо ба рӯй мо ки нишоед
مگوی تلخ سخنها به روی ما که نشاید
Биор он суханоне ки ҳар якеаст чу ҷонӣ
بیار آن سخنانی که هر یکیست چو جانی
Ниҳон макун ту дар ин шаби чароғро ки нишоед
نهان مکن تو در این شب چراغ را که نشاید
Ғамат ки коҳиш тан шуд на дар танаст на берун
غمت که کاهش تن شد نه در تنست نه بیرون
Ғами отшист на дар ҷо магӯ куҷо ки нишоед
غم آتشیست نه در جا مگو کجا که نشاید
Дилами зи олам бе чун хаёлат аз дил аз он сӯ
دلم ز عالم بیچون خیالت از دل از آن سو
Миёни ин ду мусофир макун ҷудо ки нишоед
میان این دو مسافر مکن جدا که نشاید
Мабанд он дар хона ба суфиён назарӣ кун
مبند آن در خانه به صوفیان نظری کن
Махӯр ба ранҷ ба танҳо бигӯ сало ки нишоед
مخور به رنج به تنها بگو صلا که نشاید
Дило бхсби зи фикрат ки фикри дом дил омад
دلا بخسب ز فکرت که فکر دام دل آمد
Марв ба ҷуз ки муҷаррад бар худо ки нишоед
مرو به جز که مجرد بر خدا که نشاید