Чаҳ подшост ки аз хок подшо созад
چه پادشاست که از خاک پادشا سازد
зи баҳри як ду гадои хештан гадо созад
ز بهر یک دو گدا خویشتن گدا سازد
Боқрзўои аллоҳ кдиаҳ кунад чу мискинон
باقرضوا الله کدیه کند چو مسکینان
Ки то туро бидиҳад малик ва муттако созад
که تا تو را بدهد ملک و متکا سازد
Ба мурдаи бргзрди мурдаро ҳаёт диҳад
به مرده برگذرد مرده را حیات دهد
Ба дарди дрнгрди дардро даво созад
به درد درنگرد درد را دوا سازد
Чу бодро Фсронди зи бод об кунад
چو باد را فسراند ز باد آب کند
Чу обро бидиҳад ҷӯш аз ӯ ҳаво созад
چو آب را بدهد جوش از او هوا سازد
Назар макун ба ҷаҳони хор кин ҷаҳон фонӣаст
نظر مکن به جهان خوار کاین جهان فانیست
Ки ӯ ба оқибаташи олам бақо созад
که او به عاقبتش عالم بقا سازد
зи кимиё аҷаб ояд ки зар кунад мис ро
ز کیمیا عجب آید که زر کند مس را
Мисии нигар ки ба ҳар лаҳза кимиё созад
مسی نگر که به هر لحظه کیمیا سازد
Ҳазор қуфл агар ҳаст бар дилати мҳрос
هزار قفل اگر هست بر دلت مهراس
Дукони ишқ талаб кун ки длгшо созад
دکان عشق طلب کن که دلگشا سازد
Касе ки беқаламу олатӣ ба бтхонаҳ
کسی که بیقلم و آلتی به بتخانه
Ҳазор сӯрати зебо барои мо созад
هزار صورت زیبا برای ما سازد
Ҳазор Лайлӣу маҷнӯни зи баҳр мо барсохт
هزار لیلی و مجنون ز بهر ما برساخت
Чаҳ сӯратаст ки баҳри худо худо созад
چه صورتست که بهر خدا خدا سازد
Гар оҳанаст дили ту зи сахтиаш мгарӣ
گر آهنست دل تو ز سختیاش مگری
Ки сайқали карамаши оина сафо созад
که صیقل کرمش آینه صفا سازد
зи дӯстон чу бабрӣ ба зери хок рӯй
ز دوستان چو ببری به زیر خاک روی
зи мору мӯри ҳарифони хуш лақо созад
ز مار و مور حریفان خوش لقا سازد
На морро мададу пушти дори Мӯсои сохт
نه مار را مدد و پشت دار موسی ساخت
На лаҳзаи лаҳзаи зи айни ҷафо вафо созад
نه لحظه لحظه ز عین جفا وفا سازد
Даруни гӯри тани худ ту ин замон бингар
درون گور تن خود تو این زمان بنگر
Ки дам ба дам чаҳ хаёлот дилрабо созад
که دم به دم چه خیالات دلربا سازد
Чу синаи бозшкоФӣ дар ӯ набинӣ ҳеҷ
چو سینه بازشکافی در او نبینی هیچ
Ки то занах назанад кас ки ӯ куҷо созад
که تا زنخ نزند کس که او کجا سازد
Мисли шудаст ки ангури хури з боғ мапурс
مثل شدست که انگور خور ز باغ مپرس
Ки ҳақи зи санги ду сад чашма ризо созад
که حق ز سنگ دو صد چشمهٔ رضا سازد
Дарун санг биҷӯе зи об асар набӯд
درون سنگ بجویی ز آب اثر نبود
з ғайб созад на аз пастӣ ва ъло созад
ز غیب سازد نه از پستی و علا سازد
з бе чигуна ва чун омад ин чигуна ва чун
ز بیچگونه و چون آمد این چگونه و چون
Ки сад ҳазор балии гӯи худ ӯ зло созад
که صد هزار بلی گو خود او زلا سازد
Ду ҷӯии нури нигар аз ду пиҳи пораи равон
دو جوی نور نگر از دو پیه پاره روان
Аҷаби мадори Асоро ки аждаҳо созад
عجب مدار عصا را که اژدها سازد
Дар ин ду гӯши нигари каҳрабоӣ нутқ куҷост
در این دو گوش نگر کهربای نطق کجاست
Аҷаб касе ки зи сӯрох каҳрабо созад
عجب کسی که ز سوراخ کهربا سازد
Саройро бидиҳад ҷону хоҷа аиш кунад
سرای را بدهد جان و خواجه ایش کند
Чу хоҷаро бикашади боз аз ӯ саро созад
چو خواجه را بکشد باز از او سرا سازد
Агар чаҳ сӯрати хоҷа ба зер хок шудаст
اگر چه صورت خواجه به زیر خاک شدست
Замири хоҷаи втнгаҳи з кибриё созад
ضمیر خواجه وطنگه ز کبریا سازد
Ба чашми мардуми сӯрати параст хоҷа бирафт
به چشم مردم صورت پرست خواجه برفت
Валек хоҷаи зи нақш дигар қабо созад
ولیک خواجه ز نقش دگر قبا سازد
Хамӯш кун ба забони мадҳату сано кам гӯй
خموش کن به زبان مدحت و ثنا کم گوی
Ки то худои туро мадҳат ва сано созад
که تا خدای تو را مدحت و ثنا سازد