Ҳар он навай ки расад сӯй ту қадед шавад
هر آن نوی که رسد سوی تو قدید شود
Чу оби пок ки дар тан равад палид шавад
چو آب پاک که در تن رود پلید شود
зи шери деви мазидии мазиди ту ҳам аз ӯст
ز شیر دیو مزیدی مزید تو هم از اوست
Ки боязид аз ин ширдон язид шавад
که بایزید از این شیردان یزید شود
Мурӣд хонд худованди деви васваса ро
مرید خواند خداوند دیو وسوسه را
Ки ҳар ки хӯрд дам ӯ чу ӯ мурӣд шавад
که هر که خورد دم او چو او مرید شود
Чу машриқаст ва чу мағриби мисоли ин ду ҷаҳон
چو مشرقست و چو مغرب مثال این دو جهان
Бад-ӣн қариб шавад мард зон баъӣд шавад
بدین قریب شود مرد زان بعید شود
Ҳар он дилӣ ки бшўрид ва қӣ шудаш он шер
هر آن دلی که بشورید و قی شدش آن شیر
зи шӯришу қии он шер бўсъид шавад
ز شورش و قی آن شیر بوسعید شود
Ҳар онки садр раҳо карду хоки ин дар шуд
هر آنک صدر رها کرد و خاک این در شد
Ҳазор қуфли гаронро дилаш калид шавад
هزار قفل گران را دلش کلید شود
Турши турши ту ба хусрав магӯ ки ширини кӯ
ترش ترش تو به خسرو مگو که شیرین کو
Падед ояд чун хоҷа нопадид шавад
پدید آید چون خواجه ناپدید شود
Чу ғӯра раст зи хомӣ хеш шуд ширин
چو غوره رست ز خامی خویش شد شیرین
Чу моҳи рӯза ба поён расед ид шавад
چو ماه روزه به پایان رسید عید شود
Хамӯш оина манимоӣ дар вилояти занг
خموش آینه منمای در ولایت زنگ
Намо ба қайсари рӯмаш ки то мурӣд шавад
نما به قیصر رومش که تا مرید شود