зи шамси дайни тараб навбаҳор бозояд

ز شمس دین طرب نوبهار بازآید

Нишоти булбулау сабза зор бозояд

نشاط بلبله و سبزه زار بازآید

Карона кард дилам аз нбиз ва аз соқӣ

کرانه کرد دلم از نبیذ و از ساقی

Чу васл ӯ бигушоед канор бозояд

چو وصل او بگشاید کنار بازآید

Кабӯтари дили ман дар шикор боз парид

کبوتر دل من در شکار باز پرید

Хунаки замонии кӯ аз шикор бозояд

خنک زمانی کو از شکار بازآید

Бигардади ин рухи зардам чу сад ҳазор нигор

بگردد این رخ زردم چو صد هزار نگار

зи табли даъвати мангар нигор бозояд

ز طبل دعوت من گر نگار بازآید

Чу малики ҳасан бар ваии муҳим қарор гирифт

چو ملک حسن به روی مهم قرار گرفت

Буд ки сӯии дилам зу қарор бозояд

بود که سوی دلم زو قرار بازآید

Чу хорхор дилам менишинад аз ҳавасаш

چو خارخار دلم می‌نشیند از هوسش

Ки гулшанаш бар ин хор хор бозояд

که گلشنش بر این خار خار بازآید

Чу меҳрҳо ки шавад маҳви нтъи он гавҳар

چو مهرها که شود محو نطع آن گوهر

Дағои ишқ чу хона қимор бозояд

دغای عشق چو خانه قمار بازآید

зи мастиаш чаҳ гумони ?бардамӣ ки баъд аз май

ز مستی‌اش چه گمان بردمی که بعد از می

зи ҳиҷр арбада кун он хумор бозояд

ز هجر عربده کن آن خمار بازآید

Аз ин хумор маро нест ғам агар рӯзӣ

از این خمار مرا نیست غم اگر روزی

Ба дастами он қадаҳ пуршарор бозояд

به دستم آن قدح پرشرار بازآید

Ҳазор чашмаи ҳайвон чаҳ дар шумор ояд

هزار چشمه حیوان چه در شمار آید

Агар аз ӯ лутф бешумор бозояд

اگر از او لطف بی‌شمار بازآید

Савол кардам рухро ки чанд зар бошӣ

سؤال کردم رخ را که چند زر باشی

Ки ҷони ман зи зарии ту зор бозояд

که جان من ز زری تو زار بازآید

Марои ҷавоб чу зар дод ман зарами доим

مرا جواب چو زر داد من زرم دایم

Магар ки симбри хуш айёр бозояд

مگر که سیمبر خوش عیار بازآید

БгФтмш чу бимонадӣ ту зинда бе он ҷон

بگفتمش چو بماندی تو زنده بی آن جان

Чаҳ узри оре чун он изор бозояд

چه عذر آری چون آن عذار بازآید

Ман он надонам донам ки оҳ аз табриз

من آن ندانم دانم که آه از تبریز

Каз оташаши зи дилам алҳзор бозояд

کز آتشش ز دلم الحذار بازآید

Хониш
ғзл шморҳ 952 — ъндлӣб