Ғалаёни қарор вай онаст ки сайр дар нузул кунад зоҳиру ботинро машғӯл кунад султони ҳақиқат бар сипоҳи башарияти қавлаи таъолӣ ( қолати ани алмулуки азои дхлўои қарияи аФсдўҳо ) чун даройади хона вайрон кунаду ақлро маҳҷӯб кунад мардро дар шавқ ғоиб кунад натавонади адаби бисоти нигоҳи доштану тарабу нишоти бгзоштн аз онсткаҳ чун дар пӯшади либоси хиҷлату тшўир ва иқрор меоварад бҷрму тақсир роҳ нест ва аз ончӣ дӯст мекунад виро огоҳ несту одати ошиқ хона бадушӣ буду маъшӯқро ошиқ ҳалқа бигӯашаст дӯстро фармон буду ҳукми ваии равон буд

غلیان قرار وی آنست که سیر در نزول کند ظاهر و باطن را مشغول کند سلطان حقیقت بر سپاه بشریت قوله تعالی (قالت ان الملوک اذا دخلوا قریة افسدوها) چون درآید خانه ویران کند و عقل را محجوب کند مرد را در شوق غایب کند نتواند ادب بساط نگاه داشتن و طرب و نشاط بگذاشتن از آنستکه چون در پوشد لباس خجلت و تشویر و اقرار میآورد بجرم و تقصیر راه نیست و از آنچه دوست می کند ویرا آگاه نیست و عادت عاشق خانه بدوشی بود و معشوق را عاشق حلقه بگوش است دوست را فرمان بود و حکم وی روان بود

эй ҳар чаҳ турои муроди он бояд кард

ای هر چه ترا مراد آن باید کرد

Дидори ту офтоби ҷон бояд кард

دیدار تو آفتاب جان باید کرد

Гар кор барисам посбон бояд кард

گر کار برسم پاسبان باید کرد

Ҷон дар сари кори дӯстон бояд кард

جان در سر کار دوستان باید کرد