Онкии дунёи бигузорад зоҳидасту онкии уқбои бигузорад муҷоҳидаст ва ин ҳар ду сифати об ва хокаст дарвеш аз ин ҳар ду пок аст гуфт ( кодолФқрони икўни кФро ) на онкии дарвеш бекешаст балки дарвеш бехешаст дарвеш бояд ки ҳеҷ ҷоӣӣ нанишинад ва ҳеҷ чизи вайро нанишонд марди аввали тақлид шунӯд кунад пас тақлид намӯд кунад шунӯд ва намӯд дар ҳам буд кунад пас буд дар буд нобӯд кунад на халқ монад вайронаи хеш на толиб монад на матлӯб дар пеш инаст сифати дарвеш

آنکه دنیا بگذارد زاهد است و آنکه عقبی بگذارد مجاهد است و این هر دو صفت آب و خاکست درویش از این هر دو پاک است گفت (کادالفقران یکون کفرا) نه آنکه درویش بی کیش است بلکه درویش بی خویش است درویش باید که هیچ جائی ننشیند و هیچ چیز وی را ننشاند مرد اول تقلید شنود کند پس تقلید نمود کند شنود و نمود در هم بود کند پس بود در بود نابود کند نه خلق ماند ویرانه خویش نه طالب ماند نه مطلوب در پیش اینست صفت درویش

Андари ду ҷаҳон ҳар чаҳ туро ояд пеш

اندر دو جهان هر چه ترا آید پیش

Мақбул набошад он туро эй дарвеш

مقبول نباشد آن ترا ای درویش