наметаҳур наёяд марои бакори имрӯз
می طهور نیاید مرا به کار امروز
Ки бода хӯрдаам аз дасти оннигор имрӯз
که باده خوردهام از دست آن نگار امروز
Биҷои барфи ҳумо гӯ пароканд алмос
به جای برف هما گو پراکند الماس
Ки базми мо зрх дӯст шуд баҳори имрӯз
که بزم ما ز رخ دوست شد بهار امروز
Бпшт гов ниҳоданд рахти зуҳд ва шуданд
به پشت گاو نهادند رخت زهد و شدند
Сбўкшони бихари хештани савори имрӯз
سبوکشان به خر خویشتن سوار امروز
зи фурқати рамазони хўнгристи дидаи бт
ز فرقت رمضان خون گریست دیدهٔ بط
Чунонкӣ барбат нолида зорзори имрӯз
چنان که بربط نالیده زارزار امروز
Чаҳ хндҳо ки бтомоти шайх шаҳр занад
چه خندها که به طامات شیخ شهر زند
Пиёла дар кафи ринди шробхўори имрӯз
پیاله در کف رند شرابخوار امروز
Бунаи маи рамазонро бпиши кафши адаб
بنه مه رمضان را به پیش کفش ادب
Ки шуд тилоияи шаволи ошкори имрӯз
که شد طلایهٔ شوال آشکار امروز
Фақиҳи шаҳр ки дай санг зад бсоғри мо
فقیه شهر که دی سنگ زد به ساغر ما
зи пер майкада меҷуст аътзори имрӯз
ز پیر میکده میجست اعتذار امروز
Савоби рӯзаи сӣ рӯзаро мусолиҳа кард
ثواب روزهٔ سی روزه را مصالحه کرد
Бики пиёла май ноби хушгувори имрӯз
به یک پیاله می ناب خوشگوار امروز
Бета аз он май дӯшинаи соғарӣ дар даҳ
بتا از آن می دوشینه ساغری در ده
Биёади маҷлиси мейри бузургвори имрӯз
به یاد مجلس میر بزرگوار امروز
Сари кирому амири низому садри изом
سر کرام و امیر نظام و صدر عظام
Ки Бахтиёр ҷаҳон шуд бохтёри имрӯз
که بختیار جهان شد به اختیار امروز
з рӯзгор наноланд бандагон дараш
ز روزگار ننالند بندگان درش
Ки ӯст оқилаи даври рӯзгори имрӯз
که اوست عاقلهٔ دور روزگار امروز
Хдоигонои масруру шоду хуррами зӣ
خدایگانا مسرور و شاد و خرم زی
Биравӣ фаррухи солори комкори имрӯз
به روی فرخ سالار کامکار امروز
Агарчӣ хотират осӯдааст ҳоли нижанд
اگرچه خاطرت آسوده است حال نژند
Макун иродаи наҳзати азин диёри имрӯз
مکن ارادهٔ نهضت ازین دیار امروز
Ки ихтиёри баду неки кори маликат ро
که اختیار بد و نیک کار ملکت را
Ниҳодааст бадасти ту шаҳриёри имрӯз
نهاده است به دست تو شهریار امروز
Мапуаш зинҳори аихўоҷаҳи чашми азин мардум
مپوش زنهار ای خواجه چشم ازین مردم
Ки омаданд бкўити бзинҳори имрӯз
که آمدند به کویت به زینهار امروز
Ту эй ямини валиаҳди шоҳи хиттаи шарқ
تو ای یمین ولیعهد شاه خطهٔ شرق
зи зайли хоҷаи худ дасти брмдори имрӯз
ز ذیل خواجهٔ خود دست برمدار امروز
Бисоз бо ҳунари хеши кори гетӣ ро
بساز با هنر خویش کار گیتی را
Ки нест ҷузи ту дарин арсаи марди кори имрӯз
که نیست جز تو درین عرصه مرد کار امروز