Каҷоти он ҳамаи расму ойину роҳ ?
کجات آن همه رسم و آیین و راه؟
Каҷоти афсару ганҷу малику сипоҳ ?
کجات افسر و گنج و ملک و سپاه؟
Каҷоти он ҳамаи донишу зӯру даст ?
کجات آن همه دانش و زور و دست؟
Каҷоти он бузургони хусрави параст ?
کجات آن بزرگان خسرو پرست؟
Каҷот он набарда ялони далер ?
کجات آن نبرده یلان دلیر؟
Ки шер жён овареданд зер
که شیر ژیان آوریدند زیر
Каҷоти он саворони заррини стом ?
کجات آن سواران زرین ستام؟
Ки душмани бадии теғи шанро ниёам
که دشمن بدی تیغ شان را نیام
Каҷоти он ҳамаи мардӣу зӯру фар ?
کجات آن همه مردی و زور و فر؟
Ки гетӣ ҳама доштӣ зери пар
که گیتی همه داشتی زیر پر
Каҷоти он бузургӣ ва он дастгоҳ ?
کجات آن بزرگی و آن دستگاه؟
Ки србркшидии змоҳӣ ба моҳ
که سربرکشیدی زماهی به ماه
Каҷоти афсару Ковиёнии дирафш ?
کجات افسر و کاویانی درفش؟
Каҷоти он ҳамаи теғҳои бунафш ?
کجات آن همه تیغ های بنفش؟
Каҷоти он ба разми андаруни Фрўном ?
کجات آن به رزم اندرون فرونام؟
Каҷоти он ба базми андаруни кому ҷом ?
کجات آن به بزم اندرون کام و جام؟
Каҷоти он далерони рӯзи набард ?
کجات آن دلیران روز نبرد؟
Каҷоти он бузургони бодору барад ?
کجات آن بزرگان بادار و برد؟
Каҷоти он камӣну камону каманд ?
کجات آن کمین و کمان و کمند؟
Ки кардӣ ҳамаи деву ҷодӯ ба банд
که کردی همه دیو و جادو به بند
Каҷоти он фузӯнии ганҷу сипоҳ ?
کجات آن فزونی گنج و سپاه؟
Каҷоти афсару тахту фурӯи кулоҳ ?
کجات افسر و تخت و فرو کلاه؟
Каҷоти он саворону майдону гӯй ?
کجات آن سواران و میدان و گوی؟
Ки зонҳо ба гетии бадии гуфтугӯӣ
که زآن ها به گیتی بدی گفتگوی
Каҷоти он далерону мардонагӣ ?
کجات آن دلیران و مردانگی؟
Ҳашу раъйу фарҳангу фарзонагӣ
هش و رأی و فرهنگ و فرزانگی
Каҷоти он ҳунарҳои беш аз шумор ?
کجات آن هنرهای بیش از شمار؟
Ки илму ҳунар аз ту шуд ёдгор
که علم و هنر از تو شد یادگار
Куҷо шуд дилу ҳушу ойини ту ?
کجا شد دل و هوش و آئین تو؟
Тўоноӣӣу ахтару дайни ту
توانائی و اختر و دین تو
Куҷо шуд ба разми он нкўсози ту ?
کجا شد به رزم آن نکوساز تو؟
Куҷо шуд ба базми он хуши овози ту ?
کجا شد به بزم آن خوش آواز تو؟
Куҷо рафт он ҷом гетӣ намой ?
کجا رفت آن جام گیتی نمای؟
Каҷоти он ҳамаи хусрави поки рой ?
کجات آن همه خسرو پاک رای؟
Куҷо рафт он ахтари Ковиён ?
کجا رفت آن اختر کاویان؟
Куҷо рафт авранги Фркён ?
کجا رفت اورنگ فرکیان؟
Ки акнӯн ба пастӣ ниёз омадат
که اکنون به پستی نیاز آمدت
Чунин ахтари бад фароз омадат
چنین اختر بد فراز آمدت
Ки бинишонад ин шамъи афрӯхта ?
که بنشاند این شمع افروخته؟
Казу шуд ҳамаи дудмони сӯхта
کزو شد همه دودمان سوخته
Дареғи он баланди ахтару рои ту
دریغ آن بلند اختر و رای تو
Дареғи он сари арши Фрсои ту
دریغ آن سر عرش فرسای تو
Дареғи он ялону каёни ҷаҳон
دریغ آن یلان و کیان جهان
Ки будӣ паноҳ киону маон
که بودی پناه کهان و مهان
Дареғи он бузургони волои гуҳар
دریغ آن بزرگان والا گهر
Ба мардии зшоҳони баровардаи сар
به مردی زشاهان برآورده سر
Дареғи он амирони воло ба шаън
دریغ آن امیران والا به شأن
Каз эшон ба гетӣ намонда нишон
کز ایشان به گیتی نمانده نشان
Ҳам акнӯн аз эшон набинам ба ҷой
هم اکنون از ایشان نبینم به جای
Ба ҷузи нозими аддавла ӣ поки рой
به جز ناظم الدوله ی پاک رای
Або чанд тан аз маон гузин
ابا چند تن از مهان گزین
Ки аз осмон шан расад офарин
که از آسمان شان رسد آفرین
Шудаи одамият аз эшон падед
شده آدمیت از ایشان پدید
Ҳамаи ганҷҳои вафоро калид
همه گنج های وفا را کلید
Ҳамаи соли шани бахту пирӯзи бод
همه سال شان بخت و پیروز باد
Ҳамаи рӯзашони рӯзи нирўзи бод
همه روزشان روز نیروز باد
Нигаҳдорашони боди зарвони пок
نگهدارشان باد زروان پاک
Буд ёрашони ҳурмузи тобнок
بود یارشان هرمز تابناک