Бози ҷо бар тахти иззати хусрав доно гирифт
باز جا بر تخت عزت خسرو دانا گرفت
Фитна гӯ биншин ки ҳақ бар маркази худ ҷогрФт
فتنه گو بنشین که حق بر مرکز خود جاگرفت
Пояи тахти шаҳии зини салтанат миъроҷ ёфт
پایه تخت شهی زین سلطنت معراج یافت
Балки кори салтанати ҳам аинзмон боло гирифт
بلکه کار سلطنت هم اینزمان بالا گرفت
Гар калиди малики дуздӣданади муштии шбрўон
گر کلید ملک دزدیدند مشتی شبروان
Теғ зад хуршеди давлати рӯзи равшанро гирифт
تیغ زد خورشید دولت روز روشن را گرفت
Ҳиллӣа рӯбоҳон кунанд эй ман саги ширӣ ки ӯ
حلیه روباهان کنند ای من سگ شیری که او
Душмани худро бмрӣ дар саф ҳиҷо гирифт
دشمن خود را بمری در صف هیجا گرفت
Нави ърўши млкрои кобӣни биҷуз шамшер нест
نو عروش ملکرا کابین بجز شمشیر نیست
Зишт бошадгар касе тнўондш зебо гирифт
زشت باشد گر کسی تنواندش زیبا گرفت
Гар намаки парварда ӣӣ бар тофт рӯй аз онҷноб
گر نمک پرورده یی بر تافت روی از آنجناب
Шуд гирифтори охиру ҳақи намак ӯро гирифт
شد گرفتار آخر و حق نمک او را گرفت
Сари бқонўни аҷали охири ниҳод аз дасти шаҳ
سر بقانون اجل آخر نهاد از دست شه
Душмани нодон ки худро буъалӣ сино гирифт
دشمن نادان که خود را بوعلی سینا گرفت
Шаҳр эмин шуд зи шари фитнаи кохри шаҳриёр
شهر ایمن شد ز شر فتنه کاخر شهریار
Аз сари душмани сарои фитнаро дарҳо гирифт
از سر دشمن سرای فتنه را درها گرفت
Кавкаби авҷи шарафи иъқўбхон каз зилли ҳақ
کوکب اوج شرف یعقوبخان کز ظل حق
Пояи миъроҷ « субҳони алзии асрӣ » гирифт
پایه معراج «سبحان الذی اسری» گرفت
Равшанаст осори лутфаши вонкаҳ инкор оварад
روشن است آثار لطفش وانکه انکار آورد
Мункирии дониш ки ҳуҷҷат бурид Байзо гирифт
منکری دانش که حجت برید بیضا گرفت
Барқи теғаш чун дрхшоншди бкини нокасон
برق تیغش چون درخشانشد بکین ناکسان
Сӯхти муштии хору оташ дар дил хоро гирифт
سوخت مشتی خار و آتش در دل خارا گرفت
Дар ҳужаброни аждаҳои теғ ӯ оташ фиканд
در هژبران اژدهای تیغ او آتش فکند
Зон наҳанг аз бим ӯ ҷо дар дил дарё гирифт
زان نهنگ از بیم او جا در دل دریا گرفت
Гар вазад бар чархи хоки қаҳр ӯ резади бхок
گر وزد بر چرخ خاک قهر او ریزد بخاک
Хӯшаи парвин ки ҷо дар хирман ҷавзо гирифт
خوشه پروین که جا در خرمن جوزا گرفت
Файзи абри раҳматаш ҳар гуҳ ки дар дарё расед
فیض ابر رحمتش هر گه که در دریا رسید
Дар садаф ҳар қтаҳи шакли лўлў лоло гирифт
در صدف هر قطه شکل لولو لالا گرفت
Дасти зрпошши бикдм бар фақирон бахш кард
دست زرپاشش بیکدم بر فقیران بخش کرد
Ганҷи аФридўн ки боҷ аз қайсар ва доро гирифт
گنج افریدون که باج از قیصر و دارا گرفت
Номаи шоҳаншаҳӣ чун хатм бар тўқиъ ӯст
نامه شاهنشهی چون ختم بر توقیع اوست
Ҳамчуи Меҳдии домани охири замон ъмдо гирифт
همچو مهدی دامن آخر زمان عمدا گرفت
Ҳар куҷо шкрФшон шуд нутқ ӯ дар назму наср
هر کجا شکرفشان شد نطق او در نظم و نثر
Сад ҳазорон нукта бар тӯтии шукр хо гирифт
صد هزاران نکته بر طوطی شکر خا گرفت
Ин ҳамон базмаст казуӣ бар нмиомди нафас
این همان بزم است کزوی بر نمیآمد نفس
Боз аз он исои нафас дар гуфтугӯ ғавғо гирифт
باز از آن عیسی نفس در گفتگو غوغا گرفت
Калак ӯ чун нави хатон ҳар гуҳи рақами зи дбри баёз
کلک او چون نو خطان هر گه رقم ز دبر بیاض
Хати мишкӣнаши ман дар анбар Соро гирифт
خط مشکینش من در عنبر سارا گرفت
эй сулаймони фари ту онӣ каз шарафи зери нигин
ای سلیمان فر تو آنی کز شرف زیر نگین
Қоф то қофи ҷаҳони меҳри ту меҳр осо гирифт
قاف تا قاف جهان مهر تو مهر آسا گرفت
То сар золим фикандӣ ҳар ду сар зон ту шуд
تا سر ظالم فکندی هر دو سر زان تو شد
Онҷҳо нагир яккаи теғат ҳар ду оламро гирифт
آنجها نگیر یکه تیغت هر دو عالم را گرفت
Мутриб базмат бачарх оради фалакро зонка ӯ
مطرب بزمت بچرخ آرد فلک را زانکه او
Нағмаи ъушрати зи сози Зуҳра Заҳро гирифт
نغمه عشرت ز ساز زهره زهرا گرفت
Ҳар ки икрнг ту омад чун саман шуд рӯи сифед
هر که یکرنگ تو آمد چون سمن شد رو سفید
Барқи ғайрат аз дўрнг дар гул раъно гирифт
برق غیرت از دورنگ در گل رعنا گرفت
То бад шўорӣ диҳад ҷони хасмат аз бахти сиёҳ
تا بد شواری دهد جان خصمت از بخت سیاه
Рӯзи ҳамри кӯтаҳаши ранги шаб ялдо гирифт
روز همر کوتهش رنگ شب یلدا گرفت
Ҷаҳд кун дар дайн ки ҳар кӯ теғ зад дар роҳи ҳақ
جهد کن در دین که هر کو تیغ زد در راه حق
Ҳам Наими ҷинати ми ҳўи неъмат дунё гирифт
هم نعیم جنت م هو نعمت دنیا گرفت
То ниҳоли фитна нав хезаст бояд канданаш
تا نهال فتنه نو خیزست باید کندنش
Мушкиласт аз бех бар кандан чўпо бар ҷо гирифт
مشکلست از بیخ بر کندن چوپا بر جا گرفت
Зери фармонат касегар зонка ояд каҷи ниҳод
زیر فرمانت کسی گر زانکه آید کج نهاد
эй бо Марӣ ки охири гирди моро Фасо гирифт
ای با ماری که آخر گرد ما را فسا گرفت
Бади сиришти охири ҷафо ҷӯӣ кунад аз рӯй битарс
بد سرشت آخر جفا جویی کند از روی بترس
Кӣ тавонад гурги тарки миллат обо гирифт
کی تواند گرگ ترک ملت آبا گرفت
Ҷузви кули муҳтоҷ ҳам шуд бораияти хуш бар ой
جزو کل محتاج هم شد بارعیت خوش بر آی
Мазҳари кули файзи ҷамъияти ҳам аз аҷзо гирифт
مظهر کل فیض جمعیت هم از اجزا گرفت
Комкоро , гӯш кун бар гавҳари назмам ки боз
کامکارا، گوش کن بر گوهر نظمم که باز
Мурғи табъ аз нави ҳавои матлаъ ғро гирифт
مرغ طبع از نو هوای مطلع غرا گرفت
Оташи ишқи ту аввал дар ман шайдо гирифт
آتش عشق تو اول در من شیدا گرفت
Ҳар куҷо зад барқи ишқи оташи нахуст аз мо гирифт
هر کجا زد برق عشق آتش نخست از ما گرفت
Чун гузаштӣ аз чамани сарв аз ҳавои қади ту
چون گذشتی از چمن سرو از هوای قد تو
Бар замини афтода буд аз саҷдаи худро во гирифт
بر زمین افتاده بود از سجده خود را وا گرفت
Лоф агар бо оҳӯии чашм ту зад наргис маранҷ
لاف اگر با آهوی چشم تو زد نرگس مرنج
Нест бенаӣ дарав набӯд ба нобӣно гирифт
نیست بینایی درو نبود به نابینا گرفت
Чашми оҳӯ гарчи саҳарӣ мекунад дар дилбарӣ
چشم آهو گرچه سحری میکند در دلبری
Боядаш таълимҳо зон наргис Шаҳло гирифт
بایدش تعلیمها زان نرگس شهلا گرفت
Нофа бо зулф ту дорадгар хаёлӣ зу маранҷ
نافه با زلف تو دارد گر خیالی زو مرنج
Каз хаёли каҷи димоғи нофаро савдо гирифт
کز خیال کج دماغ نافه را سودا گرفت
Оқил аз кӯии саломати икқдм берун нарафт
عاقل از کوی سلامت یکقدم بیرون نرفت
Оқибати роҳи маломати ошиқ расво гирифт
عاقبت راه ملامت عاشق رسوا گرفت
Олимии имрӯзи шод аз раҳмати соқии ҳама
عالمی امروز شاد از رحمت ساقی همه
Зоҳид аз кам неъматӣ ӯро ғам фардо гирифт
زاهد از کم نعمتی او را غم فردا گرفت
Даст кӯтаҳ кун зи ҷонам варна аз бедоди ту
دست کوته کن ز جانم ورنه از بیداد تو
Доман шаҳ хоҳам эй сарви сеӣ боло гирифт
دامن شه خواهم ای سرو سهی بالا گرفت
Дарди сари аҳлии мадаи хатм сухан кун бар дуо
درد سر اهلی مده ختم سخن کن بر دعا
Хотири шаҳ нозукаст аз гуфтугӯ гуё гирифт
خاطر شه نازک است از گفتگو گویا گرفت
То дарин фирӯзаи гулшани мурғи заррини боли меҳр
تا درین فیروزه گلشن مرغ زرین بال مهر
Метавонад ҷоФрози гунбад аъло гирифт
میتواند جافراز گنبد اعلا گرفت
Гулбуни умрат буд каз сояи он нахли мурод
گلبن عمرت بود کز سایه آن نخل مراد
Сари басари олам чу хуршеди ҷаҳон оро гирифт
سر بسر عالم چو خورشید جهان آرا گرفت