Чарх аз шафақ на соъиқа дар хирманаш гирифт
چرخ از شفق نه صاعقه در خرمنش گرفت
Хӯни ҳусайн тоза шуд ва доманаш гирифт
خون حسین تازه شد و دامنش گرفت
Гардун ки сӯхти зи оташи лаби тишнагии ҳусайн
گردون که سوخت ز آتش لب تشنگی حسین
Он оташ балост ки пиромнш гирифт
آن آتش بلاست که پیرامنش گرفت
Буд аз ?хитои чарх ки оҳӯии мшгбор
بود از خطای چرخ که آهوی مشگبار
Дар сайдгоҳи умри саг душманаш гирифт
در صیدگاه عمر سگ دشمنش گرفت
Бод аҷал бикушт чароғӣ ки бар фалак
باد اجل بکشت چراغی که بر فلک
Қандили меҳру маи зи дил равшанаш гирифт
قندیل مهر و مه ز دل روشنش گرفت
Шаб дар азоӣ ӯст сияҳи пӯши субҳдам
شب در عزای اوست سیه پوش صبحدم
Гӯйӣ ки дар гулӯи нафас аз шеванаш гирифт
گویی که در گلو نفس از شیونش گرفت
Дар хӯн нишаст сокин на маскани фалак
در خون نشست ساکن نه مسکن فلک
Аз растхези гиря ки дар масканаш гирифт
از رستخیز گریه که در مسکنش گرفت
Аз доғ лола бсухт чунон лолаи зини азо
از داغ لاله بسوخت چنان لاله زین عزا
Коташи зи доғи сина ба пероҳанаш гирифт
کاتش ز داغ سینه به پیراهنش گرفت
Икқтраҳи оби абр бар он ташнагон нарехт
یکقطره آب ابر بر آن تشنگان نریخت
Зон бар забони таъна задан сӯсанаш гирифт
زان بر زبان طعنه زدن سوسنش گرفت
Рӯзами шаб аз азоӣ ҳусайнасту рӯзгор
روزم شب از عزای حسین است و روزگار
Зонаст тираи рӯз ки оҳ маниш гирифт
زان است تیره روز که آه منش گرفت
Оҳам бсухт хонаи дили венаи гувоҳи бас
آهم بسوخت خانه دل وین گواه بس
Дӯди саводи дида ки дар равзанаш гирифт
دود سواد دیده که در روزنش گرفت
Пар шуд зи хӯни дидаи ман ончунон фалак
پر شد ز خون دیده من آنچنان فلک
Каз хӯни ҳазор чашма чу прўизнш гирифт
کز خون هزار چشمه چو پرویزنش گرفت
Бар аҳли байту оли алӣ марҳамат накард
بر اهل بیت و آل علی مرحمت نکرد
Шимури лъин ки лаънати мард ва занаш гирифт
شمر لعین که لعنت مرد و زنش گرفت
Саг дар қаллодаи шимур лъинаст дар ҷаҳон
سگ در قلاده شمر لعین است در جهان
Венаи тавқ лаънатаст ки дар гарданаш гирифт
وین طوق لعنت است که در گردنش گرفت
Аз тоби барқи қаҳри тани шимур кӣ раҳад
از تاب برق قهر تن شمر کی رهد
Гар ҳамчуи нақши оина дар оҳаш гирифт
گر همچو نقش آینه در آهش گرفت
эй вой ӯ ки оташи хашми худо чу шамъ
ای وای او که آتش خشم خدا چو شمع
Аз пой то басари ҳамаи ҷон ва таниш гирифт
از پای تا بسر همه جان و تنش گرفت
Бади бахт ҳар ду кун шуд аз кавдании язид
بد بخت هر دو کون شد از کودنی یزید
Кин роҳи носавоби дил кавданаш гирифт
کاین راه ناصواب دل کودنش گرفت
Зери замини зи мкмни ғайбаши ъзобҳост
زیر زمین ز مکمن غیبش عذابهاست
Тана на дасти марги дарин мкмнш гирифт
تنه نه دست مرگ درین مکمنش گرفت
Ҳамсояи ҳам зи паҳлавӣ ӯ сӯхти зери хок
همسایه هم ز پهلوی او سوخت زیر خاک
Зон оташи азоб ки дар мадфанаш гирифт
زان آتش عذاب که در مدفنش گرفت
Хӯни ҳусайни онкии паии лаъл ва дар бирехт
خون حسین آنکه پی لعل و در بریخت
Он лаъл ва дар шуд оташ ва дар махзанаш гирифт
آن لعل و در شد آتش و در مخزنش گرفت
Он кӯи амони надоди бхўни ҳусайну ол
آن کو امان نداد بخون حسین و آل
Фарёди аломони ҳама дар момнш гирифт
فریاد الامان همه در مامنش گرفت
Ин нури чашми шоҳсўористи космон
این نور چشم شاهسواریست کآسمان
Кӯҳли назари зи гирди сам тавсанаш гирифт
کحل نظر ز گرد سم توسنش گرفت
Шоҳӣ ки хирмани фалакаш дар карами ҷӯй
شاهی که خرمن فلکش در کرم جوی
Арзанда нест балки кам аз арзанаш гирифт
ارزنده نیست بلکه کم از ارزنش گرفت
Ҷои язид дар чаҳ ?виласт ё алӣ
جای یزید در چه ویل است یا علی
КоФросёби хашми ту чун бежанаш гирифт
کافراسیاب خشم تو چون بیژنش گرفت
Ҳаргиз нахуфт хӯни шаҳдони Карбало
هرگز نخفت خون شهدان کربلا
Парвизи хӯни кӯҳкани ҷон каш гирифт
پرویز خون کوهکن جان کش گرفت
Тани пеши тири марги наҳангони бҷон наад
تن پیش تیر مرگ نهنگان بجان نهد
Моҳӣ ҷигар надошт ки дар ҷавшанаш гирифт
ماهی جگر نداشت که در جوشنش گرفت
ӯ мурғи сидра буд накард илтифоти ҳеҷ
او مرغ سدره بود نکرد التفات هیچ
Бар гулшани ҷаҳон ва кам аз гулханаш гирифт
بر گلشن جهان و کم از گلخنش گرفت
Дунёи баҳри сифат ки буд охираш фаност
دنیا بهر صفت که بود آخرش فناست
Хуши онкӣ чун ҳасани сифат аҳсанаш гирифт
خوش آنکه چون حسن صفت احسنش گرفت
Аҳлии тамаъи бхрмни гардун чаҳ мекунӣ
اهلی طمع بخرمن گردون چه میکنی
Бе хӯни дили ду дона ки аз хирманаш гирифт
بی خون دل دو دانه که از خرمنش گرفت
Дил аз матоъи даҳри бабргар муҷаррадӣ
دل از متاع دهر ببر گر مجردی
Исо шунида ӣӣ ки бик сӯзанаш гирифт
عیسی شنیده یی که بیک سوزنش گرفت
Бишнос хешро ки барии раҳи басӯии дӯст
بشناس خویش را که بری ره بسوی دوست
Ҳаркас ки дар шинохти раҳ маъданаш гирифт
هرکس که در شناخت ره معدنش گرفت
Ёрб ту дастгир ки шахси заъифи мо
یارب تو دستگیر که شخص ضعیف ما
Шайтони нафас дар нафас мурданаш гирифт
شیطان نفس در نفس مردنش گرفت
Фарёдрас ту бош кигар фитна раҳ занад
فریادرس تو باش که گر فتنه ره زند
Кӣ раҳи тавон брстм ва рӯйин таниш гирифт
کی ره توان برستم و رویین تنش گرفت