Воҳсрто ки дидаи зи ҳасрати пар об шуд
واحسرتا که دیده ز حسرت پر آب شد
Дар мотами ҳусайни алии дил кабоб шуд
در ماتم حسین علی دل کباب شد
эй осмон агар дар раҳмати кушода ӣӣ
ای آسمان اگر در رحمت گشاده یی
Зулми ту бар ҳусайни алӣ аз чаҳ боб шуд
ظلم تو بر حسین علی از چه باب شد
Фарқи шарифи оли алӣ бар замин чарост
فرق شریف آل علی بر زمین چراست
Чатри язид аз чаҳ сабаб бар саҳоб шуд
چتر یزید از چه سبب بر سحاب شد
Гардун чаро ба бод адам дод он варақ
گردون چرا به باد عدم داد آن ورق
Каз нусхаи ду куни вуҷӯд интихоб шуд
کز نسخه دو کون وجود انتخاب شد
Аз боди фитнаи зеру зибри боди рӯзгор
از باد فتنه زیر و زبر باد روزگار
Каз рӯзгори мунқалиби ин инқилоб шуд
کز روزگار منقلب این انقلاب شد
Хӯни ҳусайн рехтаанд онсгон шавам
خون حسین ریخته اند آنسگان شوم
Баҳри ҷаҳон ки ҷиФаҳи муштӣ клоб шуд
بهر جهان که جیفه مشتی کلاب شد
Бадбахт нокасе ки барои ду рӯзаи малик
بدبخت ناکسی که برای دو روزه ملک
Ғофили зи ҳашару нашру савоб ва уқоб шуд
غافل ز حشر و نشر و ثواب و عقاب شد
Он нанг дӯзахаст язиди сиёҳи бахт
آن ننگ دوزخ است یزید سیاه بخت
Каз паҳлуяши азоби худо дар азоб шуд
کز پهلویش عذاب خدا در عذاب شد
Ханҷар кашиду ҳалқи ҳусайн алӣ бурид
خنجر کشید و حلق حسین علی برید
Шимури онсги лъин ки зи ҳақ биҳҷоб шуд
شمر آنسگ لعین که ز حق بیحجاب شد
Лаънати ҳазор бор ва ҳазорон ҳазор бор
لعنت هزار بار و هزاران هزار بار
Бар дасту хнҷрикаҳ аз онхўнхзоб шуд
بر دست و خنجریکه از آنخونخضاب شد
Саг бӯдааст ҳар ки чунин зулм карда аст
سگ بوده است هر که چنین ظلم کرده است
Одам нахоҳад аз паии ин носавоб шуд
آدم نخواهد از پی این ناصواب شد
Баҳр фалак надошт ҳаё каз муҳӣт ӯ
بحر فلک نداشت حیا کز محیط او
Бодоғи дили ҳусайни алии баҳр об шуд
باداغ دل حسین علی بهر آب شد
Дар соъатӣ ки шоҳи шаҳидони ташнаи лаб
در ساعتی که شاه شهیدان تشنه لب
Чун чашмаи ҳаёти бзир ниқоб шуд
چون چشمه حیات بزیر نقاب شد
Устода буд шоҳи араби дидаҳо пари об
استاده بود شاه عرب دیده ها پر آب
Мегуфт ҳони шитоб ки вақт шитоб шуд
میگفت هان شتاب که وقت شتاب شد
Фармой ё ҳусайн ки баҳри ту дар биҳишт
فرمای یا حسین که بهر تو در بهشت
Соқии кавсар аз паии ҷом шароб шуд
ساقی کوثر از پی جام شراب شد
Аз шавқи мақдамати ҳамаи ҳурони равза ро
از شوق مقدمت همه حوران روضه را
Ҷоруби роҳи гесуии мишкӣн таноб шуд
جاروب راه گیسوی مشکین طناب شد
Аз хӯн бишуст мусҳафи рухро варақи варақ
از خون بشست مصحف رخ را ورق ورق
Хиролнсо ки кошифам алкитоб шуд
خیرالنسا که کاشف ام الکتاب شد
Андам ки офтоби сар найза шуд баланд
آندم که آفتاب سر نیزه شد بلند
Бар найзаи онзмони сари он офтоб шуд
بر نیزه آنزمان سر آن آفتاب شد
Зонгаҳ ки Хизри талхии заҳр ҳасан чашид
زانگه که خضر تلخی زهر حسن چشید
Обҳёт дар даҳанаши заҳр ноб шуд
آبحیات در دهنش زهر ناب شد
Шҳзодаҳҳо нигар ки чаҳ меҳнат кашида анд
شهزاده ها نگر که چه محنت کشیده اند
Ин дар муҳӣти талхӣ ва он дар сароб шуд
این در محیط تلخی و آن در سراب شد
Дар хона ӣӣ ки лутфу карам буд биҳсоб
در خانه یی که لطف و کرم بود بیحساب
Дод аз ситамгарон ки ситам беҳисоб шуд
داد از ستمگران که ستم بی حساب شد
Бар тоири фалак чаҳ наад дил касе ки ӯ
بر طایر فلک چه نهد دل کسی که او
Симурғро гузошт ки сайд ғроб шуд
سیمرغ را گذاشت که صید غراب شد
Гардун чу грдкони тиҳии ҷумлаи пӯстат
گردون چو گردکان تهی جمله پوستت
Дар зилли он гурез ки лаб лбоб шуд
در ظل آن گریز که لب لباب شد
ё Муртазои алӣ ки чу ганҷии ниҳони зи чашм
یا مرتضی علی که چو گنجی نهان ز چشم
Баркаш зи ганҷи парда ки олам хароб шуд
برکش ز گنج پرده که عالم خراب شد
Бурно касе ки зулм кунад ҷой раҳм нест
برنا کسی که ظلم کند جای رحم نیست
Золим бикаш ки куштани золим савоб шуд
ظالم بکش که کشتن ظالم ثواب شد
Мардӯди остони ту мардӯд кибриёст
مردود آستان تو مردود کبریاست
Ҳар кскаҳ ҳаст воҷиби азу иҷтиноб шуд
هر کسکه هست واجب ازو اجتناب شد
Бар фарқи арши пои шарафгар наад равост
بر فرق عرش پای شرف گر نهد رواست
Ҳар кас ки хок дар қадам Бутуроб шуд
هر کس که خاک در قدم بوتراب شد
Шоҳои ҳазор шукр ки баъд аз ҳазор сол
شاها هزار شکر که بعد از هزار سال
Шери худои бдшмнти андар шитоб шуд
شیر خدا بدشمنت اندر شتاب شد
Чандон бирехт хӯни мунофиқ ки гӯии чарх
چندان بریخت خون منافق که گوی چرخ
Дар хӯн нишаста то бкмр чун ҳубоб шуд
در خون نشسته تا بکمر چون حباب شد
Шуд кори зари аснои ъушри дуруст
شد کار زر اثنا عشر درست
Вази хутбаи номи оли ту фасл улхитоб шуд
وز خطبه نام آل تو فصل الخطاب شد
Аҳлии боҳилли байти ту даст умед зад
اهلی باهل بیت تو دست امید زد
ӯрои гушоишӣ ки шуд аз ин ҷаноб шуд
اورا گشایشی که شد از این جناب شد
Ёрб бъФў агар накунӣ номаам сифед
یارب بعفو اگر نکنی نامه ام سفید
Хоҳам сиёҳ рӯй буруз ҷавоб шуд
خواهم سیاه روی بروز جواب شد
Ҳастам умедвори блтФт ки оқибат
هستم امیدوار بلطفت که عاقبت
Хоҳад дуои хастаи дилон мустаҷоб шуд
خواهد دعای خسته دلان مستجاب شد