Шунид гӯши ман аз ҳотифии шаби диҷўр

شنید گوش من از هاتفی شب دیجور

Ки Эй бихоб тараби хуфта дар сарои сарвар

که ای بخواب طرب خفته در سرای سرور

Хабари збод аҷал нестат магар ки шудӣ

خبر زباد اجل نیستت مگر که شدی

Чу гули бъмри дурузаи зи ғофилии мағрур

چو گل بعمر دوروزه ز غافلی مغرور

Дигар бкўии ибодати куҷои рисии ҳайҳот

دگر بکوی عبادت کجا رسی هیهات

Ки тохти тавсани табъати бароаи фисқу фуҷур

که تاخت توسن طبعت براه فسق و فجور

Намози ту бачаи арзад ки дар дуо бошӣ

نماز تو بچه ارزد که در دعا باشی

Чу гули кушодаи каф аз бҳрзри брби ғафур

چو گل گشاده کف از بهرزر برب غفور

Накарда ёди бсдқ аз ҳазор ва як номаш

نکرده یاد بصدق از هزار و یک نامش

Бқср ва ҳур кунӣ майл бо ҳазор қусӯр

بقصر و حور کنی میل با هزار قصور

Нидои олам ғайбат бигӯаш дил нарасад

ندای عالم غیبت بگوش دل نرسد

зи бскаҳи гӯши ту пар шуд зи нағмаи тнбўр

ز بسکه گوش تو پر شد ز نغمه طنبور

Боби дидаи сабки сози оташи худ ро

بآب دیده سبک ساز آتش خود را

Мабод хок вуҷӯдат равад бабори ғурур

مباد خاک وجودت رود ببار غرور

Бисӯз котш сӯзанда шамъи кофураш

بسوز کآتش سوزنده شمع کافورش

Баряш сӯхта бошад чу марҳами кофур

بریش سوخته باشد چو مرهم کافور

Бисӯз хоки тану нақди ҷон бадаст оварад

بسوز خاک تن و نقد جان بدست آورد

Ки зари бсўхтн аз хок тира кард зуҳӯр

که زر بسوختن از خاک تیره کرد ظهور

Хӯрд чу риштаи ҷони карами марг бар кушта

خورد چو رشته جان کرم مرگ بر کشته

Макун шикояту Айюб вор бош сабур

مکن شکایت و ایوب وار باش صبور

Бахотири ори шикасти аҷал чаҳ май бандӣ

بخاطر آر شکست اجل چه می بندی

Камар чу тири не аз баҳри қатли ваҳшу туюр

کمر چو تیر نی از بهر قتل وحش و طیور

Бсди таввоби дарин дар тавон шудани наздик

بصد تواب درین در توان شدن نزدیک

Бики гуноҳи шӯии солҳо азин дар давр

بیک گناه شوی سالها ازین در دور

Ваад заъифи қавии тан ба ним таби лекин

ود ضعیف قوی تن به نیم تب لیکن

Ирўзгори қавӣ боз мешавад ранҷур

یروزگار قوی باز میشود رنجور

зи баъди мастии исёни хумор ҳурмон аст

ز بعد مستی عصیان خمار حرمان است

Збодаҳи маст пушаймон шавад чу шуд махмур

زباده مست پشیمان شود چو شد مخمور

Ҳалол бошад агар икдлони хўрндши хӯн

حلال باشد اگر یکدلان خورندش خون

Ксикаҳ дар раҳи ҳақи дил ду кард чун ангур

کسیکه در ره حق دل دو کرد چون انگور

?герат ҳавост иқомати дарин сарои мҷўӣ

گرت هواست اقامت درین سرای مجوی

Бғири сояи фахри замони мақоми ҳузур

بغیر سایه فخر زمان مقام حضور

Ҷаҳони лутфу карами мейри наҷми дайни Маҳмӯд

جهان لطف و کرم میر نجم دین محمود

Ки ҳаст малики сахо аз вуҷӯд ӯ маъмур

که هست ملک سخا از وجود او معمور

Яқини ман ки набӯдӣ бғири сӯрат ӯ

یقین من که نبودی بغیر صورت او

Агар исўрти одами вуҷӯди бастии нур

اگر یصورت آدم وجود بستی نور

Замири равшанаши ойӣнаи исти ғайби намо

ضمیر روشنش آیینه ایست غیب نما

Ки ёфт ҳар чаҳ бахотир касяш кард хутур

که یافت هر چه بخاطر کسیش کرد خطور

Фурӯ гузошт бакор ҷаҳон намонад ҳеҷ

فرو گذاشت بکار جهان نماند هیچ

Агар барои мунираш қазо гузорад умӯр

اگر برای منیرش قضا گذارد امور

Дурусти хондаи замири вай аз даруни он хат

درست خوانده ضمیر وی از درون آن خط

Ки аз бурунаш бар аинчрхи вожгӯни мстўр

که از برونش بر اینچرخ واژگون مسطور

Сахоу халқу карами ӣнқадар казу ояд

سخا و خلق و کرم اینقدر کزو آید

Бғир ӯст кадоми офарӣдаро мақдӯр

بغیر اوست کدام آفریده را مقدور

Аё баланди ҷанобӣ ки хонадон турост

ایا بلند جنابی که خاندان تراست

Бар остонаи гадои сад чу қайсару фағфур

بر آستانه گدا صد چو قیصر و فغفور

Зршги дасти гуҳари пош ту бидида баҳр

زرشگ دست گهر پاش تو بدیده بحر

Биҷои қатра ашкаст лўлўи мансур

بجای قطره اشک است لولو منثور

Саманди қадари туро ҷои бсоиаҳ тӯбо аст

سمند قدر تو را جا بسایه طوبی است

Таноби палои зи мишкӣни каманди гесуии ҳур

طناب پلای ز مشکین کمند گیسوی حور

Зад офтоб аз он меҳри брмсоли фалак

زد آفتاب از آن مهر برمثال فلک

Ки дода ӣӣ ту бадастӯрии худаш дастур

که داده یی تو بدستوری خودش دستور

з дидан ту адуии туро буд хафақон

ز دیدن تو عدوی ترا بود خفقان

Балии здидни шоҳини тпди дили ъсФўр

بلی زدیدن شاهین طپد دل عصفور

Ҳамеша душмани ту поймоли халқ буд

همیشه دشمن تو پایمال خلق بود

Агар фитода буд мурда низ чун занбӯр

اگر فتاده بود مرده نیز چون زنبور

Бичишам дараки ту гардун намӯд чеҳраи зард

بچشم درک تو گردون نمود چهره زرد

Агар чаҳ доштӣ аз чашми мардумаши мастур

اگر چه داشتی از چشم مردمش مستور

Дарин сухан назарӣ нестгар туро гӯйанд

درین سخن نظری نیست گر ترا گویند

Ки нест чашми фалакро бғири ту манзур

که نیست چشم فلک را بغیر تو منظور

Агар адуии туро дар миён буд ҷангӣ

اگر عدوی ترا در میان بود جنگی

Мабод ҳеҷ миёнҷӣгарии биҷузи сотўр

مباد هیچ میانجیگری بجز ساطور

Бзргўорои ман чун саноӣ ту гӯям

بزرگوارا من چون ثنای تو گویم

Ки ақл нест бгнҷи сифоти ту ганҷур

که عقل نیست بگنج صفات تو گنجور

Санои вмдҳи ту аз ҳаду ҳаср берун аст

ثنا ومدح تو از حد و حصر بیرون است

Кӣ ин расад бенҳоят кӣ он шавад маҳсӯр

کی این رسد بنهایت کی آن شود محصور

Нашуд сифот ту намарқӯм аз ҳазор яке

نشد صفات تو نمرقوم از هزار یکی

Нагашт шарҳи ҷамолати яке зи сад мазкӯр

نگشت شرح جمالت یکی ز صد مذکور

Дили шикастаи аҳлии умед он дорад

دل شکسته اهلی امید آن دارد

Ки бошикастагии шеъри доряши маъзӯр

که باشکستگی شعر داریش معذور

Ман ин қасидаи бик рӯз гуфтаам биллоҳ

من این قصیده بیک روز گفته ام بالله

Марои бдъўии шеъри ин қасида шуд маншур

مرا بدعوی شعر این قصیده شد منشور

Аз он зи баъд тағо мекунам дуои бақоат

از آن ز بعد تغا میکنم دعای بقات

Ки дар дуои ту михизд аз фириштаи нФўр

که در دعای تو میخیزد از فرشته نفور

Ҳамеша то ки занад хайли шаби блшгри рӯз

همیشه تا که زند خیل شب بلشگر روز

Сипоҳ рӯз шавад ҳам ба хайли шаби Мансур

سپاه روز شود هم به خیل شب منصور

Ғамат мабод ва бақо бахшадат худои чандон

غمت مباد و بقا بخشدت خدا چندان

Ки аз ҳисоб фузун бошадаш синӣну шҳўр

که از حساب فزون باشدش سنین و شهور