Гмраҳи ишқам ва набӯд ба ман маст гирифт
گمره عشقم و نبود به من مست گرفت
Ки чунин май барадам ӯ ки маро даст гирифт
که چنین می بردم او که مرا دست گرفت
Хоки раҳи гаштани мо айни сарафрозӣ буд
خاک ره گشتن ما عین سرافرازی بود
Чашми кӯтоҳи назари ҳиммати мо паст гирифт
چشم کوتاه نظر همت ما پست گرفت
Мавҷи баҳри карами афканди муродам ба канор
موج بحر کرم افکند مرادم به کنار
Варна ин сайд нишоед ба ду сад шаст гирифт
ورنه این صید نشاید به دو صد شست گرفت
Аз вуҷӯду адами ёр фароғат дорад
از وجود و عدم یار فراغت دارد
Ҳастӣам нестӣ ва нестӣ ам ҳаст гирифт
هستی ام نیستی و نیستی ام هست گرفت
Аҳлӣ аз ишқ ту шуд кофару зуннори параст
اهلی از عشق تو شد کافر و زنار پرست
Номи имон ба забони баҳри забон баст гирифт
نام ایمان به زبان بهر زبان بست گرفت