Ҷуз аз висоли ту бо каси сар вусӯлам нест

جز از وصال تو با کس سر وصولم نیست

Ба ҷузи қабули ту ҳеҷ аз ҷаҳон қабулам нест

به جز قبول تو هیچ از جهان قبولم نیست

Агарчӣ бе ту ба ҳар сар чу бод май гирдам

اگرچه بی تو به هر سر چو باد می گردم

Ба ҳеҷ манзили роҳати сар нузулам нест

به هیچ منزل راحت سر نزولم نیست

Задаст таъни чунон сар ба ҷайб аз он дорам

زدست طعن چنان سر به جیب از آن دارم

Ки тоби сарзаниши мардум фузулам нест

که تاب سرزنش مردم فضولم نیست

Ки номаам ба ту орад ки бартар аз аршӣ

که نامه ام به تو آرد که برتر از عرشی

Бғири тоири ҳиммат касе расӯлам нест

بغیر طایر همت کسی رسولم نیست

Биҷузи хаёли ду оҳӯии ту ман маҳзун

بجز خیال دو آهوی تو من محزون

Касе малоли гузори дил малулам нест

کسی ملال گذار دل ملولم نیست

Бар он серум ки бимирам бар остони аҳлӣ

بر آن سرم که بمیرم بر آستان اهلی

Чу дар ҳарими висолаши раҳ духулам нест

چو در حریم وصالش ره دخولم نیست