Ончии ғам ту кард агар бозрасам ба диданат
آنچه غم تو کرد اگر بازرسم به دیدنت
Фарқ манасту пои ту даст манасту доманат
فرق من است و پای تو دست من است و دامنت
эй ба фириштаи сиратии ояти раҳмату карам
ای به فرشته سیرتی آیت رحمت و کرم
Бо ҳамаи кас вафо кунӣ ин чаҳ ҷафост бо миннат
با همه کس وفا کنی این چه جفاست با منت
Сарви баланди ҳимматӣ кӣ ба ту мерасад касе
سرو بلند همتی کی به تو میرسد کسی
Вар бирасад куҷо расад даст касе ба гарданат
ور برسد کجا رسد دست کسی به گردنت
Равшании ду чашми мо хок раҳат шуд аз сафо
روشنی دو چشم ما خاک رهت شد از صفا
Серумаи чашми дӯстони кӯрии чашми душманат
سرمه چشم دوستان کوری چشم دشمنت
Доғи ту сӯхти ҷони ман аз ту чаҳ пӯшами ин сухан
داغ تو سوخت جان من از تو چه پوشم این سخن
Балки чу шамъ кФтаҳ шуд зоби ду дидаи равшанат
بلکه چو شمع کفته شد زاب دو دیده روشنت
Онкии надидаи рӯзу шаби васф биҳишт ме кунад
آنکه ندیده روز و شب وصف بهشت می کند
Ваа чаҳ қиёматӣ буд гар бирасад ба гулшанат
وه چه قیامتی بود گر برسد به گلشنت
Аҳлӣ аз офтоби худ давр агар бимонада ӣӣ
اهلی از آفتاب خود دور اگر بمانده یی
Сабр кун ки оқибат расад равшане ба равзанат
صبر کن که عاقبت رسد روشنیی به روزنت