Гирам ки дил аз ёд ту хурсанд тавон дошт

گیرم که دل از یاد تو خرسند توان داشت

Бе ҷони тани фарсӯдаи нигаҳ чанд тавон дошт

بی جان تن فرسوده نگه چند توان داشت

Худ гӯй ки ин тӯтии длсўхтаҳ то чанд

خود گوی که این طوطی دلسوخته تا چند

Дар ҳасрати он лаъл шукр ханд тавон дошт

در حسرت آن لعل شکر خند توان داشت

Бо ӣнҳама талхӣнатавон сохт ки охир

با اینهمه تلخی نتوان ساخت که آخر

Икбўсаҳ зон лаб чун қанд тавон дошт

یکبوسه زان لب چون قند توان داشت

Савдо зада чун гӯш кунад панди хирадманд

سودا زده چون گوش کند پند خردمند

Ин шеваи тамаъи ҳам зи ҳрдмнд тавон дошт

این شیوه طمع هم ز هردمند توان داشت

Носеҳи ҳамаи ҳикмат буд ин панди ту лекин

ناصح همه حکمت بود این پند تو لیکن

Гар ҳуш буд гӯши барин панд тавон дошт

گر هوش بود گوش برین پند توان داشت

Аҳди туу савганди ту бисёр напояд

عهد تو و سوگند تو بسیار نپاید

Кофари бачаро чанд бсўгнд тавон дошт

کافر بچه را چند بسوگند توان داشت

Аҳлии зҳўои ту касаш боз наёрад

اهلی زهوای تو کسش باز نیارد

Симурғ на мурғӣаст ки дар банд тавон дошт

سیمرغ نه مرغیست که در بند توان داشت