Ид қурбон шуду сар дар раҳи ҷавлон ту рафт
عید قربان شد و سر در ره جولان تو رفت
Ман сиррии доштами он низ бқрбон ту рафт
من سری داشتم آن نیز بقربان تو رفت
Ин чаҳ шакласту шамоили магар аз машриқи ҳасан
این چه شکل است و شمایل مگر از مشرق حسن
Офтобӣ ки бар омад бгрибон ту рафт
آفتابی که بر آمد بگریبان تو رفت
Лиззати дарди Сикандари Хизр имрӯз чашид
لذت درد سکندر خضر امروز چشید
Ки бҳсрти зи лаби чашмаи ҳайвон ту рафт
که بحسرت ز لب چشمه حیوان تو رفت
Рафт ҷони баҳри ту бар бод вале бар ту чаҳ ғам ?
رفت جان بهر تو بر باد ولی بر تو چه غم؟
Чаҳ тафовут ки насимии зи гулистон ту рафт
چه تفاوت که نسیمی ز گلستان تو رفت
На ки ҳурмони ту танҳо дили ман баради бхок
نه که حرمان تو تنها دل من برد بخاک
Каз ҷаҳони ҳарки бурун рафт баҳрмон ту рафт
کز جهان هرکه برون رفت بحرمان تو رفت
Аҳлӣ он шуд ки кунад майли ту он нахли баланд
اهلی آن شد که کند میل تو آن نخل بلند
Миваи шохи умед аз лабу дандон ту рафт
میوه شاخ امید از لب و دندان تو رفت