Касе ки ҳақи ҳарифон меҳрбон нашнохт
کسی که حق حریفان مهربان نشناخت
Сазостгар ҷигараши ҷаври нокасони хӯни сохт
سزاست گر جگرش جور ناکسان خون ساخت
Дареғ нест марои ҷон агар чаҳ дайр намонад
دریغ نیست مرا جان اگر چه دیر نماند
Дареғи суҳбати дерин ва ҳақ диду шинохт
دریغ صحبت دیرین و حق دید و شناخت
Рамед мурғи дили мо аз он чамани он рӯз
رمید مرغ دل ما از آن چمن آن روز
Ки санги тафриқаи айём дар ҷаҳони андохт
که سنگ تفرقه ایام در جهان انداخت
Чаҳ оташӣаст ки дар ҷони ман фироқи афканд
چه آتشی است که در جان من فراق افکند
Ки ҳамчуи шамъи марои мағзи устихони бгдохт
که همچو شمع مرا مغز استخوان بگداخت
Ба нақши бозии айём дил манеҳ аҳлӣ
به نقش بازی ایام دل منه اهلی
Ки баради нрдмрод аз фалак ? ки боз набохт
که برد نردمراد از فلک؟ که باز نباخت