Икраҳ чу ғунчаи хандаи занони байни басӯии мо
یک ره چو غنچه خندهزنان بین به سوی ما
Бошад ки бушковади гул давлат биравӣ мо
باشد که بشکفد گل دولت به روی ما
эй навбаҳори ҷони магар аз абри раҳматат
ای نوبهار جان مگر از ابر رحمتت
Рангӣ баровард чамани орзӯии мо
رنگی برآورد چمن آرزوی ما
Сари ришта гум макун ки зи аҳди азали тўро
سررشته گم مکن که ز عهد ازل تو را
Пайванд дӯстӣаст баҳри тори мӯии мо
پیوند دوستی است به هر تار موی ما
Сад раҳ агар зи саҷда бпоиш наҳем сар
صد ره اگر ز سجده به پایش نهیم سر
Кӣ сари бмо наад санами тунди хуии мо
کی سر به ما نهد صنم تندخوی ما
Шуд ҷоми ҷами суфоли сабуӣ шикаста ам
شد جام جم سفال سبوی شکستهام
Бехосият набӯд шикасти сабуии мо
بیخاصیت نبود شکست سبوی ما
То хӯн мо нарехт ҳариф ва чу ме нахурд
تا خون ما نریخت حریف و چو می نخورد
Чун шишаи дасти брнгрФт аз гулӯии мо
چون شیشه دست برنگرفت از گلوی ما
Буии муҳаббат аз дили аҳлии дамад чу машк
بوی محبت از دل اهلی دمد چو مشک
эй гули нигоҳдори дили мо ббўии мо
ای گل نگاه دار دل ما به بوی ما