Сарв бар хоки раҳ аз рашки қад ёр нишаст
سرو بر خاک ره از رشک قد یار نشست
Ҷилваи қомат ӯ дид з рафтор нишаст
جلوه قامت او دید ز رفتار نشست
Хок дар дидаи он раҳрав бесабру сабот
خاک در دیده آن رهرو بی صبر و ثبات
Каз раҳи каъбаи бозрдгӣ хор нишаст
کز ره کعبه بآزردگی خار نشست
То чу сӯрати тиҳӣ аз ҷон нашавад қолаби мо
تا چو صورت تهی از جان نشود قالب ما
БФроғт натавон пушт бдиўор нишаст
بفراغت نتوان پشت بدیوار نشست
Ҳасани Юсуфи ҳамаро парда номӯс дарид
حسن یوسف همه را پرده ناموس درید
Баси Зулайхои сифатӣ бар сар бозор нишаст
بس زلیخا صفتی بر سر بازار نشست
Дӯш дар маҷлиси мо бод саҳар кард гузор
دوش در مجلس ما باد سحر کرد گذار
Шамъро гармии бозор бикбор нишаст
شمع را گرمی بازار بیکبار نشست
Танам аз шавқ батон ҳизум оташкада шуд
تنم از شوق بتان هیزم آتشکده شد
Риштаи ҷони ҳама дар васла зуннор нишаст
رشته جان همه در وصله زنار نشست
Ту даруни ой ки то ҷон равад аз хонаи тан
تو درون آی که تا جان رود از خانه تن
Ки басӣ монад дарин хона ва бисёр нишаст
که بسی ماند درین خانه و بسیار نشست
Аз гарони бории тани ҷон сбкрўҳон раст
از گران باری تن جان سبکروحان رست
Аҳлӣ аз заҳмати ҷон низ сбкбор нишаст
اهلی از زحمت جان نیز سبکبار نشست