Икшб ки дар фироқи ҷамол ту дилбараст

یکشب که در فراق جمال تو دلبرست

Босад ҳазор рӯз қиёмат баробараст

باصد هزار روز قیامت برابرست

Бо дӯстгар сухани з масеҳо равад хамӯш

با دوست گر سخن ز مسیحا رود خموش

Каз ҳарчӣ меравад сухани дӯсти хўштрст

کز هرچه میرود سخن دوست خوشترست

Бозо ки чашми сайди бткбири теғи ту

بازآ که چشم صید بتکبیر تیغ تو

Чун гӯши рӯзаи дор бар аллоҳ Акбар аст

چون گوش روزه دار بر الله اکبر است

Аз базми мо бсдқи дили дигарон Марв

از بزم ما بصدق دل دیگران مرو

Биншин кигар ту ҷони талабӣ ҳам муяссараст

بنشین که گر تو جان طلبی هم میسرست

Бовар макун ки мурдаи оби Хизр буд

باور مکن که مرده آب خضر بود

Онро ки зиндагии зи лаб рӯҳ парвараст

آنرا که زندگی ز لب روح پرورست

Оташи парастро з май оташин чаҳ ғам

آتش پرست را ز می آتشین چه غم

Гар оташаст бар дил ӯ об кавсар аст

گر آتش است بر دل او آب کوثر است

Зон лаъли шаккарини сухании бас буд маро

زان لعل شکرین سخنی بس بود مرا

Аҳлӣ на тӯтӣаст ки дар банд шукраст

اهلی نه طوطی است که در بند شکرست