Дард май марҳами риши дили бемор ғам аст
درد می مرهم ریش دل بیمار غم است
Варна аз давлати соқӣ май софӣ чаҳ кам аст
ورنه از دولت ساقی می صافی چه کم است
Васли лиззати надиҳад то начишӣ заҳри фироқ
وصل لذت ندهد تا نچشی زهر فراق
Лиззати ишқи ҳам аз чошнии заҳр ғам аст
لذت عشق هم از چاشنی زهر غم است
Дарди ҷомӣ ки расад аз ту ғанимат шимурем
درد جامی که رسد از تو غنیمت شمریم
Дар ду софии зи кафат ҳарчӣ буд муғтанам аст
در دو صافی ز کفت هرچه بود مغتنم است
эй масеҳои нафаси охир чаҳ шавадгар зи карам
ای مسیحا نفس آخر چه شود گر ز کرم
Бозпурсӣ ки дили хастаи мо дарчӣ дам аст
بازپرسی که دل خسته ما درچه دم است
Чун кабӯтари дили мо сайд дару бом ту шуд
چون کبوتر دل ما صید در و بام تو شد
Поси мурғи дили мо дор ки сайд ҳарам аст
پاس مرغ دل ما دار که صید حرم است
Кӯси бадномии мо дар ҳама офоқ заданд
کوس بدنامی ما در همه آفاق زدند
Оташи синаи мо дар ҳамаи олам илм аст
آتش سینه ما در همه عالم علم است
Кист аҳлӣ ? ки гадоӣ кунад аз лаъли ту лек
کیست اهلی؟ که گدایی کند از لعل تو لیک
Чашмаи нӯши лаби лаъли ту баҳр карам аст
چشمه نوش لب لعل تو بحر کرم است