Шамъ рӯй ту на афрӯхтаи чашм ман азуаст
شمع روی تو نه افروخته چشم من ازوست
Ин чроғист ки чашми ҳамаи кас равшан азуаст
این چراغیست که چشم همه کس روشن ازوست
Даст дар гарданати он зулфи бҳли тоФкнд
دست در گردنت آن زلف بهل تافکند
Ки турои хӯни ман сӯхта дар гардан азуаст
که ترا خون من سوخته در گردن ازوست
Даҳанат гарчи буд марҳами дил ҳеҷ нагуфт
دهنت گرچه بود مرهم دل هیچ نگفت
Ки дили риши марои ӣнҳамаи хӯн хӯрдан азуаст
که دل ریش مرا اینهمه خون خوردن ازوست
Ёрб аз бод хазоне варақаш зард мабод
یارب از باد خزانی ورقش زرد مباد
Он гули тоза ки фирӯзии сад гулшан азуаст
آن گل تازه که فیروزی صد گلشن ازوست
Оҳ аз оншўхи призодаҳ ки сад ошиқи зор
آه از آنشوخ پریزاده که صد عاشق زار
Масту маҷнӯну ҷигари сӯхта дар гулхан азуаст
مست و مجنون و جگر سوخته در گلخن ازوست
Хирмани ҳасани бтонрои мижа дар пошам
خرمن حسن بتانرا مژه در پاشم
Хӯша чинаст ки ороиши сад хирман азуаст
خوشه چین است که آرایش صد خرمن ازوست
Аҳлӣ аз сина бурун кун дили хунин шуда ро
اهلی از سینه برون کن دل خونین شده را
зи онкии олӯдагии дидаи туро доман азуаст
ز آنکه آلودگی دیده ترا دامن ازوست