Аз гирди роҳ дил бомед ту шод буд

از گرد راه دل بامید تو شاد بود

К-эйии магари савор дариғо ки бод буд

کایی مگر سوار دریغا که باد بود

Мардум чу қасди пурсиш ман кардӣ эй табиб

مردم چو قصد پرسش من کردی ای طبیب

Қасди ту худ ҳалоки ман нои мурод буд

قصد تو خود هلاک من نا مراد بود

Нагушӯд аз абрӯии ту дилам гарчи зон камон

نگشود از ابروی تو دلم گرچه زان کمان

Чашми умеди мунтазири сад кушод буд

چشم امید منتظر صد گشاد بود

Соқии ман он ним ки ту ҷомии магари диҳӣ

ساقی من آن نیم که تو جامی مگر دهی

Ин ҷуръаи шароби зи ёрони зиёд буд

این جرعه شراب ز یاران زیاد بود

Аҳлии куҷоу ёди висоли ту аз куҷо

اهلی کجا و یاد وصال تو از کجا

Ин бас буд ки дар хаёл ту омад биёад буд

این بس بود که در خیال تو آمد بیاد بود