Ҳаргизи ғубори ҳасрати давр аз дилам нашуд
هرگز غبار حسرت دور از دلم نشد
Ҳаргизи зи сад муроди яке ҳосилам нашуд
هرگز ز صد مراد یکی حاصلم نشد
Гар хори пои гаштам вагар хок раҳ шудам
گر خار پای گشتم و گر خاک ره شدم
Он шохи гули бҳичи сифат моилам нашуд
آن شاخ گل بهیچ صفت مایلم نشد
Гуфтам ки тӯҳфаи саг ӯ дил кунам вале
گفتم که تحفه سگ او دل کنم ولی
Онҳами қабул аз дили но мқблм нашуд
آنهم قبول از دل نا مقبلم نشد
Ҳарчанд бахти тира бторикӣ ам бсухт
هرچند بخت تیره بتاریکی ام بسوخت
Ҷузи барқи оҳи равшанӣ маҳфилам нашуд
جز برق آه روشنی محفلم نشد
Хори ситам ки аз ғам ӯ буд бар дилам
خار ستم که از غم او بود بر دلم
То бар нараст гули зи гулам аз дилам нашуд
تا بر نرست گل ز گلم از دلم نشد
Рӯй замин бишуст ду чашмами зи ашки шӯр
روی زمین بشست دو چشمم ز اشک شور
Венаи шурии ғам аз дилу об ва гулам нашуд
وین شوری غم از دل و آب و گلم نشد
Осон нагашт кӯии ту манзил чу аҳлӣ ам
آسان نگشت کوی تو منزل چو اهلی ام
То сар нарафт кӯии ту сар манзилам нашуд
تا سر نرفت کوی تو سر منزلم نشد