Хушам ба ҳиҷри тугар васли сад ҳузури орад
خوشم به هجر تو گر وصل صد حضور آرد
Ки ин сафоӣ дил афзоед он ғурури орад
که این صفای دل افزاید آن غرور آرد
Дрои бсҳбти мисатон ки шамъи қомати ту
درآ بصحبت مستان که شمع قامت تو
Бикқдм ки наад сад сафоу нури орад
بیکقدم که نهد صد صفا و نور آرد
Брўзгори ту аз собирӣ нишон набӯд
بروزگار تو از صابری نشان نبود
Магар ки модари гетии дили сабури орад
مگر که مادر گیتی دل صبور آرد
Крои маҷол ? бнздикии тўои хуршед
کرا مجال؟ بنزدیکی توای خورشید
Ки тоб дидани хуршеди ҳам здўри орад ?
که تاب دیدن خورشید هم زدور آرد؟
Агар насими ту эй гули сабои барад дар боғ
اگر نسیم تو ای گل صبا برد در باغ
Ҳазор булбули шӯрида дар нФўри орад
هزار بلبل شوریده در نفور آرد
Касе ки дар сари кӯии ту срзнди брхшт
کسی که در سر کوی تو سرزند برخشت
Агар ҳикоят ҷинат кунад қусӯри орад
اگر حکایت جنت کند قصور آرد
Паёми дӯст ки орад ба биксони аҳлӣ
پیام دوست که آرد به بیکسان اهلی
Сурӯши ғайби магари муждаи сарвари орад
سروش غیب مگر مژده سرور آرد