Гар масти ту оҳии зи сари дарди برارد
گر مست تو آهی ز سر درد برآرد
Аз хоки тани муддаӣони гирди برارد
از خاک تن مدعیان گرد برآرد
Гар бар дамад аз хоки ман хастаи гиёҳӣ
گر بر دمد از خاک من خسته گیاهی
Бебод хазоне варақи зарди برارد
بی باد خزانی ورق زرد برآرد
Сад хонаи бФрёди шаб аз ман ки дарин кӯй
صد خانه بفریاد شب از من که درین کوی
То чанд фиғони ин саги шабгарди برارد
تا چند فغان این سگ شبگرد برآرد
Хомаст дили савмиъаи пурвирду хуши он дил
خامست دل صومعه پرورد و خوش آن دل
Каши пери Муғони майкадаи пурвирди برارد
کش پیر مغان میکده پرورد برآرد
Мард аз ғами Юсуф чу Зулайхо назанад оҳ
مرد از غم یوسف چو زلیخا نزند آه
Афғони зи муҳаббати дили номарди برارد
افغان ز محبت دل نامرد برآرد
Мушкил ки насузад дили озодаи аҳлӣ
مشکل که نسوزد دل آزاده اهلی
Кин оҳи ту дӯд аз дили бидрди برارد
کاین آه تو دود از دل بیدرد برآرد