Бар марги рақибони ту хуррам натавон буд

بر مرگ رقیبان تو خرم نتوان بود

Дилшоди бмрги ҳама олам натавон буд

دلشاد بمرگ همه عالم نتوان بود

Бесилсила инаст парешонеи зулфат

بی سلسله اینست پریشانی زلفت

зи ошуфтагии зулфи ту дарҳам натавон буд

ز آشفتگی زلف تو درهم نتوان بود

Дар хулди барин бо ҳамаи асбоби фароғат

در خلد برین با همه اسباب فراغت

Биллоҳ ки бе рӯй ту икдм натавон буд

بالله که بی روی تو یکدم نتوان بود

Гуфтам ки чаҳ маҷнӯн нануҳум дил ба маломат

گفتم که چه مجنون ننهم دل به ملامت

Гар ишқ чунинаст чунон ҳам натавон буд

گر عشق چنین است چنان هم نتوان بود

Аҳлии зи саги кӯии ту батон мардумии омухт

اهلی ز سگ کوی تو بتان مردمی آموخت

Бе хизмати ин тайифа одам натавон буд

بی خدمت این طایفه آدم نتوان بود