Чашми маҷнӯн ҳарчӣ бинад сӯрати Лайлӣ буд
چشم مجنون هرچه بیند صورت لیلی بود
Хуш буд сӯрати парастигар бад-ӣни маънӣ буд
خوش بود صورت پرستی گر بدین معنی بود
Ман зи обу ранги ҳасани соқӣ худ ёфтам
من ز آب و رنگ حسن ساقی خود یافتم
Ончии файзи оби Хизру оташи Мӯсо буд
آنچه فیض آب خضر و آتش موسی بود
Гӯи бимири афсурдаи дил кин нукта бо ман шамъ гуфт
گو بمیر افسرده دل کاین نکته با من شمع گفت
Ҳар ки аз доғӣ насузад мурданаши аввалӣ буд
هر که از داغی نسوزد مردنش اولی بود
Зон хушам бо кунҷи ғам каз рашки ғайр осӯда ам
زان خوشم با کنج غم کز رشک غیر آسوده ام
Дӯзахӣ косўдаҳ бошам ҷинати аъло буд
دوزخی کاسوده باشم جنت اعلی بود
Ҳар ки бо мишкӣни ғизолони ҳамчуи маҷнӯн ху гирифт
هر که با مشکین غزالان همچو مجنون خو گرفت
Мирмди зи онҷо ки буии мардуми ?дане буд
میرمد ز آنجا که بوی مردم دنیی بود
Чоки дили натавонадам беғамза ӣӣ зулф ту дӯхт
چاک دل نتواندم بی غمزه یی زلف تو دوخت
Риштаи Марям агар бо сӯзани исо буд
رشته مریم اگر با سوزن عیسی بود
Дар ду олам гар набошад мояи шодии ғамат
در دو عالم گر نباشد مایه شادی غمت
Хотири аҳлии малул аз ?данеу уқбо буд
خاطر اهلی ملول از دنیی و عقبی بود