Рӯй ниёзи мо ҳамаи дам бар замин буд
روی نیاز ما همه دم بر زمین بود
Ҳар кӯи ниёзманд батон шуд чунин буд
هر کو نیازمند بتان شد چنین بود
Дар хоки куштагони ғам аз доғи ҳасратат
در خاک کشتگان غم از داغ حسرتت
Сад дӯзахи наҳуфтаи бзири замин буд
صد دوزخ نهفته بزیر زمین بود
эй баҳри нисбати ту куҷои ашки мо куҷо
ای بحر نسبت تو کجا اشک ما کجا
Морои ҳазор ҳамчуи ту дар остин буд
مارا هزار همچو تو در آستین بود
Дили хӯшаи чини хирмани ҳасанат чу шуд маранҷ
دل خوشه چین خرمن حسنت چو شد مرنج
Дар хирмании чунин чаҳ ғам аз хӯшаи чин буд
در خرمنی چنین چه غم از خوشه چین بود
Он муддаӣ буд ки зи шамшер дам занад
آن مدعی بود که ز شمشیر دم زند
Шамшери аҳли дили нафаси оташин буд
شمشیر اهل دل نفس آتشین بود
Киштии бсди ҳазор ғамами венаи ҳам андак аст
کشتی بصد هزار غمم وین هم اندک است
Моро навақъ аз карамат беш азин буд
ما را نوقع از کرمت بیش ازین بود
Аҳлӣ камол ӯст ки дар меҳри дӯсти сӯхт
اهلی کمال اوست که در مهر دوست سوخت
Ореи камоли меҳру муҳаббати ҳамин буд
آری کمال مهر و محبت همین بود