Умрами боаҳу нола ва фарёд ме равад
عمرم بآه و ناله و فریاد می رود
Умри азизи ман ҳама бар бод меравад
عمر عزیز من همه بر باد میرود
Ширин намонаду шурии хусрав ки зулм кард
شیرین نماند و شوری خسرو که ظلم کرد
Рӯзи қиёмат аз дил Фарҳод меравад
روز قیامت از دل فرهاد میرود
Дар ҳар қадами ҳазор гирифтор дар раҳанд
در هر قدم هزار گرفتار در رهند
Ваон сарви ноз аз ҳама озод меравад
وان سرو ناز از همه آزاد میرود
Ғам нестгар ба бистари маргами зи ҳиҷр ӯ
غم نیست گر به بستر مرگم ز هجر او
Дар ин ғамам ки муддаӣам шод меравад
در این غمم که مدعی ام شاد میرود
Ёдам куҷо кунад ки асирони дард ӯ
یادم کجا کند که اسیران درد او
Чандон буд ки дарди ман аз ёд меравад
چندان بود که درد من از یاد میرود
Бо сайли гиряи хона дар он кӯй чун кунам ?
با سیل گریه خانه در آن کوی چون کنم؟
Конҷои ҳазор хонаи з бунёд меравад
کانجا هزار خانه ز بنیاد میرود
Аҳлӣ ки шуд ботши оҳ аз ҷаҳони бурун
اهلی که شد بآتش آه از جهان برون
Аз ҷаври дӯст боилм дод меравад
از جور دوست باعلم داد میرود