Пеш аз он кин гирд ҳастӣ сар занад аз хоки мо
پیش از آن کین گرد هستی سر زند از خاک ما
Бо рухи хубати назар май бохти чашми поки мо
با رخ خوبت نظر میباخت چشم پاک ما
Дигарон аз доғат эй гули ҳамчуи сарв озода анд
دیگران از داغت ای گل همچو سرو آزادهاند
Барқ рухсорат насузад ҷузи хасу хошоки мо
برق رخسارت نسوزد جز خس و خاشاک ما
Оташ сӯзандае эй шамъ ва мо парвона ем
آتش سوزندهای ای شمع و ما پروانهایم
Гирди оташ кас нагардад ҷузи дил бе боки мо
گرد آتش کس نگردد جز دل بیباک ما
Ғайри шамъ аз аҳли маҷлиси каси дилаш бар мо насӯхт
غیر شمع از اهل مجلس کس دلش بر ما نسوخت
Дар дил хубон нагирад оҳи отшноки мо
در دل خوبان نگیرد آه آتشناک ما
Ҷони беморони дилро ҷузи аҷал чора набӯд
جان بیماران دل را جز اجل چاره نبود
Гар аҷал бар дигарон заҳраст шуд тирёки мо
گر اجل بر دیگران زهرست شد تریاک ما
Дар гулистони ҷаҳон зон рӯй хоки раҳи шудем
در گلستان جهان زان روی خاک ره شدیم
То ба ёди лолаи рӯйони гули дамад аз хоки мо
تا به یاد لالهرویان گل دمد از خاک ما
Ғам махӯр аҳлии зи чоки сина каз иқболи ишқ
غم مخور اهلی ز چاک سینه کز اقبال عشق
Юсуфи ҷон сар занад охири зи ҷайби чоки мо
یوسف جان سر زند آخر ز جیب چاک ما