Збскаҳи рӯзам аз он маи малол май хезад

زبسکه روزم از آن مه ملال می خیزد

Шабами бкштни худ сад хаёл май хезад

شبم بکشتن خود صد خیال می خیزد

Ниҳоли қад батон ҷумла фитна ангезанд

نهال قد بتان جمله فتنه انگیزند

Надонам аз чаҳ замини ин ниҳол май хезад

ندانم از چه زمین این نهال می خیزد

Бисӯз кавкаби бахти забуни ман ?имаа

بسوز کوکب بخت زبون من ایماه

Казин ситораи мудомаму бол май хезад

کزین ستاره مدامم و بال می خیزد

Расед васли марои чашми захми ҳиҷри оре

رسید وصل مرا چشم زخم هجر آری

Шарори фитнаи зи шамъи висол май хезад

شرار فتنه ز شمع وصال می خیزد

Чаҳ гулшанӣаст ҷамолат ки аз арақи даравӣ

چه گلشنی است جمالت که از عرق دروی

Ҳазор чашмаи оби зулол май хезад

هزار چشمه آب زلال می خیزد

Нмидмиди гулу сар ва агар бдонстӣ

نمیدمید گل و سر و اگر بدانستی

Ки аз қади ту садаши инфеъол май хезад

که از قد تو صدش انفعال می خیزد

Магари паёми турои мурғи ҷони баради аҳлӣ

مگر پیام ترا مرغ جان برد اهلی

Ки боди субҳи басии хастаи ҳол май хезад

که باد صبح بسی خسته حال می خیزد