Саҳар чу оҳи ман май парасти михизд
سحر چو آه من می پرست میخیزد
Баҳр ки миўзд аз хоби масти михизд
بهر که میوزد از خواب مست میخیزد
Ксикаҳ бо ту чу ёрӣ нишаст ва хост кунад
کسیکه با تو چو یاری نشست و خاست کند
Чаҳ ҷои дили зи сар ҳар чаҳ ҳаст михизд
چه جای دل ز سر هر چه هست میخیزد
Магар бсухт дили зор каз даруни дӯдӣ
مگر بسوخت دل زار کز درون دودی
Баланд мешаваду нолаи пасти михизд
بلند میشود و ناله پست میخیزد
Зиҳии фиреби ту эй бут кигар мусулмонӣ
زهی فریب تو ای بت که گر مسلمانی
Нишаст бо ту дамӣ май парасти михизд
نشست با تو دمی می پرست میخیزد
Магар ба теғи ту аҳлии з ғам раҳад варна
مگر به تیغ تو اهلی ز غم رهد ورنه
Крои бғири ту кории зи дасти михизд
کرا بغیر تو کاری ز دست میخیزد