Ҳарчанд бехам мекунӣ , васлати гарм хуррам кунад
هرچند بیخم میکَنی، وصلت گرم خرم کند
Бозами ниҳоли зиндагии по дар замин муҳкам кунад
بازم نهال زندگی پا در زمین محکم کند
Шуд бо ман маҷнӯни сифати оҳӯии чашмати ошно
شد با من مجنون صفت آهوی چشمت آشنا
Ин ошнои охирами бегона аз олам кунад
این آشنایی آخرم بیگانه از عالم کند
Дар каъбаи кӯяш дило аз роҳи навмидии дро
در کعبه کویش دلا از راه نومیدی درآ
Гар дар ҳарими ҳурматаши маҳрӯмият муҳаррам кунад
گر در حریم حرمتش محرومیت محرم کند
Махмури ғамро дардисар аз панди халқ афзӯн шавад
مخمور غم را دردسر از پند خلق افزون شود
Соқии сари хами бргшо то дарди сарҳо кам кунад
ساقی سر خم برگشا تا درد سرها کم کند
эй ғофил аз ишқ батон каз хӯрду хоби осӯда Эй
ای غافل از عشق بتان کز خورد و خواب آسودهای
Ҳайвони сифат май бинмти ишқати магар одам кунад
حیوانصفت میبینمت عشقت مگر آدم کند
Захми дили ушшоқро хоки лаҳади марҳам буд
زخم دل عشاق را خاک لحد مرهم بود
Хокаш ба сар ҳар дил ки ӯ захми туро марҳам кунад
خاکش به سر هر دل که او زخم ترا مرهم کند
Тарки дилу ҷон эй санами аҳлӣ ба ишқат карда аст
ترک دل و جان ای صنم اهلی به عشقت کرده است
ӯ мондаасту тарки дайнгар бути туе он ҳам кунад
او مانده است و ترک دین گر بت تویی آن هم کند