Нест он дар ки зи гӯши омада то дӯши туро
نیست آن در که ز گوش آمده تا دوش ترا
намечакад оби латофати збнои гӯши туро
می چکد آب لطافت زبنا گوش ترا
Як нигоҳ аз рухи зебот маро ҳаст тамаъ
یک نگاه از رخ زیبات مرا هست طمع
Дайни турои ақли турои сабри турои ҳуши туро
دین ترا عقل ترا صبر ترا هوش ترا
Оҳи ман сӯхти ҷаҳонии ту аҷаби сангдилӣ
آه من سوخت جهانی تو عجب سنگدلی
Ки наёрад нафаси сӯхтаи дрҷўши туро
که نیارد نفس سوخته درجوش ترا
Гарна дар хӯни дили худ шӯии оғишта чу сайд
گرنه در خون دل خود شوی آغشته چو صید
Кӣ ск ёр кунад даст дар оғӯши туро
کی سک یار کند دست در آغوش ترا
Ёр онгоҳ кунад бо ту сухан аз сари лутф
یار آنگاه کند با تو سخن از سر لطف
Ки бибинад зи ҳадиси ҳамаи хомӯши туро
که ببیند ز حدیث همه خاموش ترا
Гар баранд зиреҳӣ аз раҳи дигари бози ой
گر براند زرهی از ره دیگر باز آی
Ки бик раҳ накунад ёри фаромӯши туро
که بیک ره نکند یار فراموش ترا
Хирқаи пӯшони ҳама аз рашки ту аҳлӣ сӯзанд
خرقه پوشان همه از رشک تو اهلی سوزند
Ки мурӣданд ҷавонони қабои пӯши туро
که مریدند جوانان قبا پوش ترا