Ба меҳр ӯ асарами ҷузи дареғ ва дард намонад

به مهر او اثرم جز دریغ و درد نماند

Ббод рафт ғуборами чунонкӣ гирд намонад

بباد رفت غبارم چنانکه گرد نماند

Гузашти рақси кунони ҷон чу кард ёд аз худ

گذشت رقص کنان جان چو کرد یاد از خود

Ки назд ӯ чу ҳарифони ҳарза гирд намонад

که نزد او چو حریفان هرزه گرد نماند

Намонад аз май васли ту срхрўиии ман

نماند از می وصل تو سرخرویی من

Ки дар хумори ғамами ғайр рӯй зард намонад

که در خمار غمم غیر روی زرد نماند

Бирафт гармӣ бозор ҳастӣам барбод

برفت گرمی بازار هستی ام برباد

Чунонкӣ дар дили ман ғайри оҳ сард намонад

چنانکه در دل من غیر آه سرد نماند

Рабӯд дар сафи ушшоқ аз он Зулайхои гӯй

ربود در صف عشاق از آن زلیخا گوی

Ки дар муҳаббати Юсуфи зи ҳеҷ мард намонад

که در محبت یوسف ز هیچ مرد نماند

Биёади чашму лабаш маст шуд чунон аҳлӣ

بیاد چشم و لبش مست شد چنان اهلی

Ки чун фириштаи дарави завқи хоб ва хӯрд намонад

که چون فرشته درو ذوق خواب و خورد نماند