Ҳаргизи ҳавас сояам аз фар ҳумо нест

هرگز هوس سایه‌ام از فر هما نیست

Ошиқ ки буд соя нишин мард бало нест

عاشق که بود سایه‌نشین مردِ بلا نیست

Касро набӯд ин ғами ҷони сӯз ки морост

کس را نبود این غم جان‌سوز که ماراست

Венаи ғами ҳама зонаст ки касро ғам мо нест

وین غم همه زان است که کس را غم ما نیست

Дорад дили мо аз ту таманнои нигоҳӣ

دارد دل ما از تو تمنای نگاهی

Маҳрӯми магари дони дили моро ки раво нест

محروم مگردان دل ما را که روا نیست

Дар бодияи каъбаи мақсӯди хтрҳост

در بادیهٔ کعبهٔ مقصود خطرهاست

Касро сари он раҳи биҷузи ин бесар ва по нест

کس را سر آن ره بجز این بی سر و پا نیست

Зини ғам ба куҷо аз паии ороми гурезам

زین غم به کجا از پی آرام گریزم

Ором куҷо ҳасту ғами ишқ куҷо нест

آرام کجا هست و غم عشق کجا نیست

Ҷузи ман сар ҳар кас ки буд баст ба фитрок

جز من سر هر کس که بود بست به فتراک

Он арбадаи ҷўросри ин хаста чаро нест

آن عربده‌جو را سرِ این خسته چرا نیست

эй мурғи чаман чанд ту дар васл бинолӣ

ای مرغ چمن چند تو در وصل بنالی

Бар неъмати дидор чаро шукр худо нест

بر نعمت دیدار چرا شُکر خدا نیست

Аҳлӣ ба сӯии дор наад сар на бмҳроб

اهلی به سوی دار نهد سر نه به محراب

Миҳроби шаҳидони биҷуз аз дор фано нест

محراب شهیدان بجز از دار فنا نیست