Бе ихтиёри мост ки дил биқрор азуаст

بی اختیار ماست که دل بیقرار ازوست

Моро чаҳ ихтиёр буд аз ӯст

ما را چه اختیار بود از اوست

То ҳасани он парӣаст чунон бар қарори худ

تا حسن آن پری است چنان بر قرار خود

Танҳо на ман ки ҳарки буд беқарор азуаст

تنها نه من که هرکه بود بی قرار ازوست

Оҳи ин чаҳ нав гуласт ки дар бӯстони ҳасан

آه این چه نو گل است که در بوستان حسن

Чун лола ҳар ки менагарм доғдор азуаст

چون لاله هر که می نگرم داغدار ازوست

Касро бмҳўшӣ нарасад нози пеш ӯ

کس را بمهوشی نرسد ناز پیش او

Ҷое ки офтоби фалаки шармсор аз ӯст

جایی که آفتاب فلک شرمسار از اوست

Чун оби дида ҳар ки на покиза доман аст

چون آب دیده هر که نه پاکیزه دامن است

Гар мардуми давида буд бар канор азуаст

گر مردم دویده بود بر کنار ازوست

Хокистараст аз оташи ғами дил вале ҳануз

خاکسترست از آتش غم دل ولی هنوز

Ҷони марои баҳри нафасии сад ғубор азуаст

جان مرا بهر نفسی صد غبار ازوست

Аҳлии ту толеъи дили мо байни казин чаман

اهلی تو طالع دل ما بین کزین چمن

Гул зон дигарон буду захм хор азуаст

گل زان دیگران بود و زخم خار ازوست