Висол то бшбш бар дар ту кист магар

وصال تا بشبش بر در تو کیست مگر

Танӣ ки ҷузи басар сар тавонад ин рафтор

تنی که جز بسر سر تواند این رفتار

Хисорат аз чаҳ хӯрам ҳаргиз ин сазост зи ақл

خسارت از چه خورم هرگز این سزاست ز عقل

Чаҳ худ ҳунар пай нашав ва намост дар ин кор

چه خود هنر پی نشو و نماست در این کار

Вале набӯд шукр дар хури ту бозами даҳ

ولی نبود شکر در خور تو بازم ده

Ки ҳастам аз талабати зор ва ту аз он безор

که هستم از طلبت زار و تو از آن بیزار

Агар зи шох шукр гуфта ам бааст равост

اگر ز شاخ شکر گفته ام بهست رواست

Ба хӯни ҷигар , ҳақи онам гуҳар равост нисор

به خون جگر، حق آنم گهر رواست نثار

Тобиши бабр дар ту рухсораи хур - ҳаргиз на сазост

تابش ببر در تو رخساره خور- هرگز نه سزاست

Неи ганҷи зибри сари ту ин тоҷи ҳунар - бе нашав ва намост

نی گنج زبر سر تو این تاج هنر- بی نشو و نماست

Набӯд шукри хури ту бар шохи шукр - гуфтам бтўи рост

نبود شکر خور تو بر شاخ شکر- گفتم بتو راست

Ҳастам талаби зартузон хӯни ҷигар - ҳқо ки равост

هستم طلب زر توزان خون جگر- حقا که رواست

Тақтеъ : мафъӯли мафоъили мафоъили феъл

تقطیع: مفعول مفاعیل مفاعیل فعل

Қофия : муқайяди муҷаррад , мустазод : мутлақи бхрўҷ

قافیه: مقید مجرد، مستزاد: مطلق بخروج

Баҳр : ҳзҷи ахрби мҷбўби мқбўз , мустазод : мафъӯли Фъўл

بحر: هزج اخرب مجبوب مقبوض، مستزاد: مفعول فعول

Санъат : мураккаби мудаввар

صنعت: مرکب مدور