эй ҳасани ту офати дарунҳо
ای حسن تو آفت درونها
Ваии тнгдл аз ту синаи мо
وی تنگدل از تو سینه ما
Рахти дилу дайни ббрдӣ аз ман
رخت دل و دین ببردی از من
эй глрхи шӯхи сару боло
ای گلرخ شوخ سر و بالا
Дидам гули онҷмолӣ ҷое
دیدم گل آنجمالی جایی
Рафтам зи қарори хеши онҷо
رفتم ز قرار خویش آنجا
Бе ҳасани туами чунин ҷигари риш
بی حسن توام چنین جگر ریش
Ҷузи тири ту марҳамии мабодо
جز تیر تو مرهمی مبادا
Дасту дил айш нест бо ман
دست و دل عیش نیست با من
Беонрху хоб низ шабҳо
بی آنرخ و خواب نیز شبها
Гоҳе ки шавам з рӯй ту шод
گاهی که شوم ز روی تو شاد
Аз рӯй ту ҷон шавад тавоно
از روی تو جان شود توانا
Чун ёфт нишони қурби аҳлӣ
چون یافت نشان قرب اهلی
Гардид ниёзманди ашё
گردید نیازمند اشیا
Ин байти азин ғазал берун меояду бадв навъ метавон хонд арабӣу форсӣ
این بیت ازین غزل بیرون میآید و بدو نوع میتوان خواند عربی و فارسی
Нафасӣу болии кони қаринӣ
نفسی و بالی کان قرینی
Чунинтароне то кӣ чунонӣ ( кзо )
چنین ترانی تا کی چنانی(کذا)
Аз тўшиҳи аввали абёти қасидаи ин қитъа бар михизди маъаи омин ё раби Алъоламин
از توشیح اول ابیات قصیده این قطعه بر میخیزد مع آمین یا رب العالمین
Ҳунари бъҳди ҳунари парварӣ гиромӣ шуд
هنر بعهد هنر پروری گرامی شد
Ки зилли салтанаташи ҷовдон буд ёрб
که ظل سلطنتش جاودان بود یارب
Нигини хотами иқбол то дами маҳшар
نگین خاتم اقبال تا دم محشر
Баноми ҳазрати ёқӯби хон буд ёрб
بنام حضرت یعقوب خان بود یارب
Ҳамеша сояи ин офтоби оламгир
همیشه سایه این آفتاب عالمگیر
Збҳри назми ҷаҳон дар ҷаҳон буд ёрб
زبهر نظم جهان در جهان بود یارب
Амин ёрб Алъоламин
امین یارب العالمین