зи дасти нолаи саг ӯ бқсди ҷон ман аст

ز دست ناله سگ او بقصد جان من است

Яқин ки нолаи ман душмани ниҳон ман аст

یقین که ناله من دشمن نهان من است

Муоширон ҳама родаст бар даҳон ман аст

معاشران همه رادست بر دهان من است

Збскаҳи гӯши ҷаҳонии пар аз фиғон ман аст

زبسکه گوش جهانی پر از فغان من است

Бшҳр бар сари ҳўии кӯии достон ман аст

بشهر بر سر هوی کوی داستان من است

Марои фироқи ту то кӣ бдоғ май сӯзад

مرا فراق تو تا کی بداغ می سوزد

Ки дили бҳсрти икдми фироқ май сӯзад

که دل بحسرت یکدم فراغ می سوزد

Задуд дили ҳамаи рӯзами димоғ май сӯзад

زدود دل همه روزم دماغ می سوزد

Даруни ман ҳамаи шаб чун чароғ май сӯзад

درون من همه شب چون چراغ می سوزد

Магари фатила ӯ мағзи устихон ман аст

مگر فتیله او مغز استخوان من است

Чу ҷон ман нашавад ҷузи бмрги ман дилшод

چو جان من نشود جز بمرگ من دلشاد

Марои халоси зи мурдан касе нахоҳад дод

مرا خلاص ز مردن کسی نخواهد داد

Магари з рӯй вафои дӯстони поки ниҳод

مگر ز روی وفا دوستان پاک نهاد

Дуоӣ умр кунандам вале қабул мабод

دعای عمر کنندم ولی قبول مباد

Маро чу зиндаи нмихўоҳди онкии ҷон ман аст

مرا چو زنده نمیخواهد آنکه جان من است

Бутӣ ки ҷузи ғам ӯ моя тараб набӯд

بتی که جز غم او مایه طرب نبود

Дилами нмидҳд ва гуфтанам адаб набӯд

دلم نمیدهد و گفتن ام ادب نبود

Кунун ки дил шуду ҷон низ бетъб набӯд

کنون که دل شد و جان نیز بی تعب نبود

Ба бедилӣ агарам ҷон равад аҷаб набӯд

به بیدلی اگرم جان رود عجب نبود

Чу дили нмидҳдми онкии длстон ман аст

چو دل نمیدهدم آنکه دلستان من است

Агар чаҳ нест зи ишқат ба неку бади тарсам

اگر چه نیست ز عشقت به نیک و بد ترسم

Вале зи ҳиҷри ту аишўхи сару қади тарсам

ولی ز هجر تو ایشوخ سر و قد ترسم

Ту даврӣ аз ман аз ҳалоки худ тарсам

تو دوری از من از هلاک خود ترسم

Миёни ҷону танами даврӣ ӯ фитад тарсам

میان جان و تنم دوری او فتد ترسم

зи дўрииӣ ки миёни туу миён ман аст

ز دورییی که میان تو و میان من است

Ту офтобӣу сар то қадами зи нури худо

تو آفتابی و سر تا قدم ز نور خدا

зи шамъ рӯй ту равшан шудӣ хуҷастаи сазо

ز شمع روی تو روشن شدی خجسته سزا

Ки битўи зинда буд эй ҳаёти рӯҳи Фзо

که بیتو زنده بود ای حیات روح فزا

Ту дар даруни дил аз ҷони хастаи танги мё

تو در درون دل از جان خسته تنگ میا

Ки як ду рӯзи дарин хонаи миҳмон ман аст

که یک دو روز درین خانه میهمان من است

Маро ки бахт чу аҳлӣ надода толеъи нек

مرا که بخت چو اهلی نداده طالع نیک

Агар бпои ту резами дарави гуҳар чун рег

اگر بپای تو ریزم درو گهر چون ریگ

Вагар зи шавқи ту дил ҷӯш мезанад чу шамъ

وگر ز شوق تو دل جوش میزند چو شمع

Ту зон ман нашӯй нест бахти инам лек

تو زان من نشوی نیست بخت اینم لیک

Ҳамин басаст ки гӯйӣ ки хусрави он ман аст

همین بس است که گویی که خسرو آن من است