Соқии бмнти хитоби бӯи дасти магар
ساقی بمنت خطاب بو دست مگر
Чашмат ба дили кабоби бӯи дасти магар
چشمت به دل کباب بو دست مگر
Онгаҳ ки турои назар ба бедорон буд
آنگه که ترا نظر به بیداران بود
Бахти бад ман бихоб будаст магар
بخت بد من بخواب بودست مگر